सूरा अल-इन्फितार अरबी और हिंदी

सूरा अल-इन्फितार को पूरे हिंदी अनुवाद, उच्चारण और ऑडियो तिलावत के साथ पढ़ें। आयत-दर-आयत हिंदी अर्थ। (19 आयत — مكية). अल-इन्फितार सुनें, अल-इन्फितार अनुवाद, अल-इन्फितार mp3, अल-इन्फितार pdf.

सूरा अल-इन्फितार पढ़ें और सुनें

🎧 आयत
M Mishary Rashid Alafasy
M Mahmoud Khalil Al-Husary
A Abdurrahman As-Sudais
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi
A Abdul Basit Abdul Samad
A Ali Al-Hudhaify
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy
A Abu Bakr Ash-Shaatree
M Muhammad Ayyoub
A Abdullah Basfar
A Abdullah Al-Juhani
M Maher Al Muaiqly
x1
إِذَا السَّمَاءُ انفَطَرَتْ ۝١
📖 अनुवाद आयत 1
जब आसमान तर्ख़ जाएगा
وَإِذَا الْكَوَاكِبُ انتَثَرَتْ ۝٢
📖 अनुवाद आयत 2
और जब तारे झड़ पड़ेंगे
وَإِذَا الْبِحَارُ فُجِّرَتْ ۝٣
📖 अनुवाद आयत 3
और जब दरिया बह (कर एक दूसरे से मिल) जाएँगे
وَإِذَا الْقُبُورُ بُعْثِرَتْ ۝٤
📖 अनुवाद आयत 4
और जब कब्रें उखाड़ दी जाएँगी
عَلِمَتْ نَفْسٌ مَّا قَدَّمَتْ وَأَخَّرَتْ ۝٥
📖 अनुवाद आयत 5
तब हर शख़्श को मालूम हो जाएगा कि उसने आगे क्या भेजा था और पीछे क्या छोड़ा था
يَا أَيُّهَا الْإِنسَانُ مَا غَرَّكَ بِرَبِّكَ الْكَرِيمِ ۝٦
📖 अनुवाद आयत 6
ऐ इन्सान तुम्हें अपने परवरदिगार के बारे में किस चीज़ ने धोका दिया
الَّذِي خَلَقَكَ فَسَوَّاكَ فَعَدَلَكَ ۝٧
📖 अनुवाद आयत 7
जिसने तुझे पैदा किया तो तुझे दुरूस्त बनाया और मुनासिब आज़ा दिए
فِي أَيِّ صُورَةٍ مَّا شَاءَ رَكَّبَكَ ۝٨
📖 अनुवाद आयत 8
और जिस सूरत में उसने चाहा तेरे जोड़ बन्द मिलाए
كَلَّا بَلْ تُكَذِّبُونَ بِالدِّينِ ۝٩
📖 अनुवाद आयत 9
हाँ बात ये है कि तुम लोग जज़ा (के दिन) को झुठलाते हो
وَإِنَّ عَلَيْكُمْ لَحَافِظِينَ ۝١٠
📖 अनुवाद आयत 10
हालॉकि तुम पर निगेहबान मुक़र्रर हैं
كِرَامًا كَاتِبِينَ ۝١١
📖 अनुवाद आयत 11
बुर्ज़ुग लोग (फरिश्ते सब बातों को) लिखने वाले (केरामन क़ातेबीन)
يَعْلَمُونَ مَا تَفْعَلُونَ ۝١٢
📖 अनुवाद आयत 12
जो कुछ तुम करते हो वह सब जानते हैं
إِنَّ الْأَبْرَارَ لَفِي نَعِيمٍ ۝١٣
📖 अनुवाद आयत 13
बेशक नेको कार (बेहिश्त की) नेअमतों में होंगे
وَإِنَّ الْفُجَّارَ لَفِي جَحِيمٍ ۝١٤
📖 अनुवाद आयत 14
और बदकार लोग यक़ीनन जहन्नुम में जज़ा के दिन
يَصْلَوْنَهَا يَوْمَ الدِّينِ ۝١٥
📖 अनुवाद आयत 15
उसी में झोंके जाएँगे
وَمَا هُمْ عَنْهَا بِغَائِبِينَ ۝١٦
📖 अनुवाद आयत 16
और वह लोग उससे छुप न सकेंगे
وَمَا أَدْرَاكَ مَا يَوْمُ الدِّينِ ۝١٧
📖 अनुवाद आयत 17
और तुम्हें क्या मालूम कि जज़ा का दिन क्या है
ثُمَّ مَا أَدْرَاكَ مَا يَوْمُ الدِّينِ ۝١٨
📖 अनुवाद आयत 18
फिर तुम्हें क्या मालूम कि जज़ा का दिन क्या चीज़ है
يَوْمَ لَا تَمْلِكُ نَفْسٌ لِّنَفْسٍ شَيْئًا ۖ وَالْأَمْرُ يَوْمَئِذٍ لِّلَّهِ ۝١٩
📖 अनुवाद आयत 19
उस दिन कोई शख़्श किसी शख़्श की भलाई न कर सकेगा और उस दिन हुक्म सिर्फ ख़ुदा ही का होगा
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82الإنفطار Al-Infitar 📚 19 आयत مكية

आयत-दर-आयत – सूरा अल-इन्फितार — 19 आयत




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Tuesday, August 18, 2026

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