अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خَفَّتْ (ख़फ्फत) – हल्की हो गईं
- مَوَازِينُهُ (मवाज़ीनुहु) – उसके (नेकी के) पलड़े / तराजू
विस्तृत तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला क़यामत के दिन के उस हालात का ज़िक्र कर रहे हैं जब हर इंसान के अमलों को तोला जाएगा। जिस शख्स के नेकी के पलड़े हल्के होंगे और उसके गुनाहों का पलड़ा भारी होगा, यानी उसके बुरे आमाल उसकी अच्छाइयों पर ग़ालिब आ जाएंगे, तो उसका अंजाम बहुत बुरा होगा।
यहाँ "मवाज़ीन" (तराजू) से मुराद अमलों की तौल है, जो क़यामत के दिन अल्लाह की इंसाफ़ भरी अदालत में होगी। यह तराजू कोई साधारण तराजू नहीं, बल्कि अल्लाह का न्याय है जिसमें ज़र्रा-बराबर भी कोई चीज़ छिपी नहीं रहेगी। जिस इंसान ने दुनिया में नेकियाँ कम कीं और गुनाहों में उम्र गुज़ार दी, उसके नेकी के पलड़े हल्के होंगे और वह सख्त अज़ाब का हक़दार बनेगा।
यह आयत हमें चेतावनी देती है कि दुनिया की ज़िंदगी में हम जो भी अमल करते हैं, वह सब दर्ज किया जा रहा है। जो लोग नमाज़, रोज़ा, ज़कात, सदक़ा, अच्छे अख़्लाक़ और अल्लाह की इबादत को हल्का समझते हैं, वे क़यामत के दिन पछताएंगे। लेकिन जो लोग इन नेकियों को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाते हैं, उनके पलड़े भारी होंगे और वे कामयाब होंगे।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी में किन चीज़ों को अहमियत दे रहे हैं। क्या हमारे अमलों का तराजू नेकियों से भरा हुआ है या गुनाहों से? आज ही वक़्त है कि हम अपने अमलों की इस्लाह करें, तौबा करें और अल्लाह की राह में नेकियाँ कमाएँ। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान और रहम करने वाला है, वह चाहता है कि हम उसकी तरफ़ रुजू करें। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढालें ताकि क़यामत के दिन हमारे नेकी के पलड़े भारी हों और हम जन्नत की नेअमतों से हमेशा के लिए नवाज़े जाएँ।
📜 आयत 6-10 — अल-क़ारिया
अनुवाद — अल-क़ारिया 8
सूरा अल-क़ारिया आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिनके आमाल के पल्ले हल्के होंगेसूरा आयत 8/11 — अल-क़ारिया القارعة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़ारिया सुनें, अल-क़ारिया अनुवाद, अल-क़ारिया mp3, अल-क़ारिया pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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