अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَأُمُّهُ: "उम्म" का अर्थ है माँ, लेकिन यहाँ इसका अर्थ "ठिकाना" या "निवास स्थान" है। अरबी में जब किसी चीज़ को "उम्म" कहा जाता है, तो वह उसका आश्रय और सहारा होती है।
- هَاوِيَةٌ: यह नरक (जहन्नम) का एक नाम है, जिसका अर्थ है गिरने वाली, गहरी खाई। यह वह स्थान है जिसमें गिरकर इंसान नीचे ही नीचे चला जाता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
जिस व्यक्ति के नेक आमाल (अच्छे कर्म) हल्के होंगे और उसके गुनाह (पाप) भारी होंगे, उसका ठिकाना और निवास स्थान "हाविया" होगा, जो जहन्नम (नरक) का ही एक नाम है। यह वह गहरी और भयानक खाई है जिसमें गिरने वाला व्यक्ति कभी निकल नहीं सकता। यहाँ "उम्म" (माँ) का शब्द इसलिए इस्तेमाल किया गया है क्योंकि जिस तरह एक बच्चा अपनी माँ की गोद में सुरक्षित और शांत महसूस करता है, उसी तरह यह व्यक्ति अपने अंजाम के तौर पर नरक की आग को ही अपना आश्रय पाएगा। यह उसकी माँ की तरह उसे अपने आगोश में ले लेगी, लेकिन यह आगोश रहमत का नहीं, बल्कि अज़ाब (यातना) का होगा।
दावत और नसीहत:
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारे कर्मों का वज़न (तोल) क्या है। क़यामत के दिन सिर्फ़ वही काम काम आएंगे जो हमने अल्लाह की रज़ा के लिए किए हैं। यह हमारे लिए एक चेतावनी है कि हम अपनी ज़िंदगी में नेकियों को जमा करें, गुनाहों से बचें, और अल्लाह की रहमत के तलबगार रहें। अल्लाह ने हमें मोहलत दी है, तौबा (पश्चाताप) का दरवाज़ा खुला रखा है, और अपनी रहमत से हमें जन्नत की तरफ बुलाया है। आओ, हम अपने आज के कर्मों को इस नज़र से देखें कि कल (क़यामत) हमारा पलड़ा किस तरफ झुकेगा। अल्लाह हमें अमल की तौफ़ीक़ दे और हमें "हाविया" से बचाकर अपनी जन्नत का मेहमान बनाए। आमीन।
📜 आयत 7-11 — सूरा अल-क़ारिया
अनुवाद — अल-क़ारिया 9
सूरा अल-क़ारिया आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो उनका ठिकाना न रहासूरा आयत 9/11 — सूरा अल-क़ारिया القارعة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़ारिया सुनें, सूरा अल-क़ारिया अनुवाद, सूरा अल-क़ारिया mp3, सूरा अल-क़ारिया pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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