अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَهُوَ: तो वह (वह व्यक्ति)
- فِي عِيشَةٍ: एक ऐसी ज़िंदगी में (जीवन-यापन में)
- رَّاضِيَةٍ: जो पसंदीदा और खुश करने वाली हो (अर्थात जिसे देखकर इंसान खुश हो जाए)
तफ़सीर (व्याख्या):
जिस व्यक्ति के अच्छे कर्मों का पलड़ा उसके बुरे कर्मों से भारी होगा, वह उस दिन सफलता और कामयाबी पाएगा। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह तआला ने जन्नत की ऐसी ज़िंदगी तैयार की है जो हर तरह से खुशियों से भरी होगी। यह ज़िंदगी ऐसी होगी जिसे देखकर इंसान का दिल खुश हो जाएगा, जिसमें कोई दुख, ग़म, चिंता या परेशानी नहीं होगी। यह वह इनाम है जो अल्लाह अपने नेक बंदों को उनके अच्छे आमाल के बदले में देगा।
यह आयत हमें बताती है कि दुनिया की यह ज़िंदगी चाहे जितनी भी आरामदेह लगे, असली सुकून और खुशी तो आख़िरत की ज़िंदगी में ही है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके बताए रास्ते पर चलते हैं, उनके लिए अल्लाह ने ऐसा इनाम तैयार किया है जिसका कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता।
इस आयत से हमें सबक लेना चाहिए कि हम अपने जीवन में अच्छे कर्म करें, अल्लाह की राह में खर्च करें, लोगों के साथ भलाई करें और अपने आख़िरत को संवारें। याद रखें, आज की मेहनत और अच्छे कर्म ही कल की खुशियों का ज़रिया बनेंगे। अल्लाह अपने नेक बंदों को कभी निराश नहीं करता और उनकी हर अच्छाई का पूरा-पूरा बदला देता है।
📜 आयत 5-9 — अल-क़ारिया
अनुवाद — अल-क़ारिया 7
सूरा अल-क़ारिया आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह मन भाते ऐश में होंगेसूरा आयत 7/11 — अल-क़ारिया القارعة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़ारिया सुनें, अल-क़ारिया अनुवाद, अल-क़ारिया mp3, अल-क़ारिया pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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