अल-मसद · 1/5
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मसद
تَبَّتْ يَدَا أَبِي لَهَبٍ وَتَبَّ ۝١
Tab bat yadaa abee Lahabinw-wa tabb
📖 हिंदी अर्थ
अबु लहब के हाथ टूट जाएँ और वह ख़ुद सत्यानास हो जाए

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَبَّتْ: नष्ट हो गईं, ख़सारा उठाया, बर्बाद हो गईं।
  • يَدَا: दोनों हाथ (यहाँ अर्थ है स्वयं व्यक्ति या उसका कार्य)।
  • أَبِي لَهَبٍ: अबू लहब — यह नबी ﷺ के चाचा का उपनाम था, जिनका असली नाम अब्दुल उज़्ज़ा बिन अब्दुल मुत्तलिब था।
  • وَتَبَّ: और वह नष्ट हो गया, ख़सारे में रहा।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला ने अबू लहब के बारे में स्पष्ट और कटु सत्य बयान किया है, जो नबी ﷺ का चाचा था, लेकिन अपने भतीजे का सबसे बड़ा दुश्मन बन गया था। अल्लाह फ़रमाता है: "अबू लहब के दोनों हाथ नष्ट हो गए और वह स्वयं भी नष्ट हो गया।" यहाँ "हाथों" का ज़िक्र इसलिए किया गया क्योंकि वह अपने हाथों से नबी ﷺ को तकलीफ़ पहुँचाने का काम करता था, और उसके सारे कर्म अल्लाह की नज़र में बेकार और बर्बाद हो गए। यह एक दुआ भी है और एक ख़बर भी — यानी अल्लाह ने उसे रुसवा किया, उसका काम तबाह किया, और अंततः वह कुफ़्र और दुश्मनी की हालत में ही मरा।

यह आयत उस समय नाज़िल हुई जब अबू लहब ने नबी ﷺ के आह्वान का मज़ाक उड़ाया और खुलेआम दुश्मनी का इज़हार किया। अल्लाह ने उसे बता दिया कि उसकी दुश्मनी उसे कुछ न दे सकेगी, बल्कि वही ख़ुद नष्ट होगा। यह एक ऐतिहासिक भविष्यवाणी भी थी, जो पूरी हुई — अबू लहब ने कुफ़्र पर ही दुनिया छोड़ी, और उसका नाम हमेशा के लिए बद्दुआ और रुसवाई के साथ जुड़ गया।


दावती पहलू:

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह की रसूल ﷺ की मदद का वादा है, और जो लोग अल्लाह के दीन और उसके नबी के खिलाफ साज़िश करते हैं, वे चाहे कितने भी बड़े और रिश्तेदार क्यों न हों, अल्लाह उन्हें रुसवा करके रहता है। यह हमारे लिए तसल्ली है कि सच्चाई के रास्ते पर चलने वालों को अल्लाह कभी अकेला नहीं छोड़ता। साथ ही, यह हमें सिखाता है कि रिश्तेदारी का नाता अल्लाह की नाराज़गी से नहीं बचा सकता — असली कामयाबी उसी की है जो अल्लाह और उसके रसूल की इताअत करे। आइए, हम अपनी ज़िंदगी में नबी ﷺ की मुहब्बत और उनकी सुन्नत को अपनाएँ, और उन लोगों के रास्ते से बचें जो अल्लाह के दीन से दुश्मनी रखते हैं।



📜 आयत 1-3 — सूरा अल-मसद

1تَبَّتْ يَدَا أَبِي لَهَبٍ وَتَبَّ
अबु लहब के हाथ टूट जाएँ और वह ख़ुद सत्यानास हो जाए
2مَا أَغْنَىٰ عَنْهُ مَالُهُ وَمَا كَسَبَ
(आख़िर) न उसका माल ही उसके हाथ आया और (न) उसने कमाया
3سَيَصْلَىٰ نَارًا ذَاتَ لَهَبٍ
वह बहुत भड़कती हुई आग में दाख़िल होगा
अल-मसदकुरान सूची
5आयत
मक्कीअवतरण स्थान
1आयत

अनुवाद — अल-मसद 1

सूरा अल-मसद आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अबु लहब के हाथ टूट जाएँ और वह ख़ुद सत्यानास…

सूरा आयत 1/5 — सूरा अल-मसद المسد (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मसद सुनें, सूरा अल-मसद अनुवाद, सूरा अल-मसद mp3, सूरा अल-मसद pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Friday, October 2, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए