अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَعُوذُ: मैं पनाह माँगता हूँ, सुरक्षा चाहता हूँ।
- رَبِّ النَّاسِ: लोगों का पालनहार, उनका स्वामी और उनकी देखभाल करने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप कह दीजिए कि मैं लोगों के रब की पनाह माँगता हूँ। यानी मैं उस अल्लाह की सुरक्षा में आता हूँ जो सभी इंसानों का पालनहार है, उनका मालिक है और उनके सारे मामलों पर पूर्ण अधिकार रखता है। वही उन्हें पैदा करने वाला है, उनका पालन-पोषण करने वाला है और उनकी हर ज़रूरत को पूरा करने वाला है। वही उनका इलाह और माबूद है, जिसकी इबादत का हक़ सिर्फ़ उसे ही है।
यह आयत हमें सिखाती है कि जब भी हमें कोई डर या ख़तरा महसूस हो, चाहे वह दिखाई देने वाला हो या अनदेखा, हमें सबसे पहले अल्लाह की तरफ रुजू करना चाहिए। वही एकमात्र है जो हमें हर बुराई से बचा सकता है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी नेमत है कि हमारा रब इतना करीब है, इतना मेहरबान है कि वह हमारी पुकार सुनता है और हमारी हिफाज़त करता है। जब हम "रब्बुन्नास" कहते हैं, तो हमें यकीन होता है कि हमारा पालनहार हमें कभी अकेला नहीं छोड़ेगा, और यही विश्वास हमारे दिलों को सुकून देता है। आइए, हम इस प्यारे रब की पनाह माँगने की आदत डालें और हर मुश्किल में उसी का सहारा लें।
📜 आयत 1-3 — अन-नास
अनुवाद — अन-नास 1
सूरा अन-नास आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो मैं लोगों के परवरदिगारसूरा आयत 1/6 — अन-नास الناس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नास सुनें, अन-नास अनुवाद, अन-नास mp3, अन-नास pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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