यूसुफ · 2/111
अनुवाद उच्चारण — सूरा यूसुफ
إِنَّا أَنزَلْنَاهُ قُرْآنًا عَرَبِيًّا لَّعَلَّكُمْ تَعْقِلُونَ ۝٢
Innaaa anzalnaahu quraanan `Arabiyyal la `allakum ta`qiloon
📖 हिंदी अर्थ
हमने इस किताब (क़ुरान) को अरबी में नाज़िल किया है ताकि तुम समझो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَنزَلْنَاهُ (हमने इसे उतारा): यहाँ "इसे" से अर्थ है यह क़ुरआन, जिसमें हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) की कहानी और अन्य शिक्षाप्रद वृतांत शामिल हैं।
  • قُرْآنًا عَرَبِيًّا (अरबी क़ुरआन): अर्थात ऐसा क़ुरआन जो स्पष्ट अरबी भाषा में उतारा गया है।
  • تَعْقِلُونَ (तुम समझो): अर्थात तुम उसके अर्थों को समझो, उसकी शिक्षाओं को ग्रहण करो और उस पर चिंतन-मनन करो।

विस्तृत व्याख्या:

अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हमने यह क़ुरआन अरबी भाषा में उतारा है। इसका उद्देश्य यह है कि तुम लोग (अरब के निवासी) इसकी आयतों के अर्थ समझ सको, इसके संदेश को अपनी समझ में ला सको और इस पर अमल कर सको। यह क़ुरआन किसी विदेशी या अपरिचित भाषा में नहीं उतारा गया, बल्कि तुम्हारी अपनी भाषा में उतारा गया है ताकि तुम्हारे लिए इसे समझना और इससे शिक्षा लेना आसान हो। यह बात इस बात की ओर संकेत करती है कि अल्लाह ने अपनी रहमत से इस किताब को उसी भाषा में उतारा जो लोगों की अपनी भाषा थी, ताकि वे बिना किसी बाधा के इसके मर्म को समझ सकें। यहाँ "अक़्ल" (बुद्धि) से अर्थ है कि वे क़ुरआन की आयतों पर ग़ौर-फ़िक्र करें और उनके पीछे छिपी हिक्मतों को समझें।

शिक्षाएँ और लाभ:

  1. अल्लाह तआला की सबसे बड़ी नेमत यह है कि उसने क़ुरआन को हमारी समझ में आने वाली भाषा में उतारा, ताकि हम उसे पढ़कर सीधे उसके संदेश को समझ सकें। यह अल्लाह की रहमत और मेहरबानी का प्रमाण है।
  2. क़ुरआन को समझने के लिए अक़्ल का इस्तेमाल करना चाहिए। यह किताब अंधी तक़लीद (बिना समझे अनुसरण) के लिए नहीं, बल्कि चिंतन, विचार और समझ के लिए उतारी गई है।
  3. यह आयत हमें सिखाती है कि जिस तरह अल्लाह ने अरबों को उनकी भाषा में क़ुरआन देकर सम्मानित किया, उसी तरह हर ज़बान और हर क़ौम के लोगों को चाहिए कि वे क़ुरआन के संदेश को अपनी भाषा में समझें और उस पर अमल करें। क़ुरआन की शिक्षाएँ सार्वभौमिक हैं और हर भाषा, हर जाति और हर समय के लोगों के लिए हैं।
  4. क़ुरआन का मुख्य उद्देश्य इंसान को सही रास्ता दिखाना है, और इसके लिए सबसे पहली शर्त है उसे समझना। जो व्यक्ति क़ुरआन को समझकर पढ़ता है, वही उससे सही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है।


📜 आयत 1-4 — सूरा यूसुफ

1الر ۚ تِلْكَ آيَاتُ الْكِتَابِ الْمُبِينِ
अलिफ़ लाम रा ये वाज़ेए व रौशन किताब की आयतें है
2إِنَّا أَنزَلْنَاهُ قُرْآنًا عَرَبِيًّا لَّعَلَّكُمْ تَعْقِلُونَ
हमने इस किताब (क़ुरान) को अरबी में नाज़िल किया है ताकि तुम समझो
3نَحْنُ نَقُصُّ عَلَيْكَ أَحْسَنَ الْقَصَصِ بِمَا أَوْحَيْنَا إِلَيْكَ هَٰذَا الْقُرْآنَ وَإِن كُنتَ مِن قَبْلِهِ لَمِنَ الْغَافِلِينَ
(ऐ रसूल) हम तुम पर ये क़ुरान नाज़िल करके तुम से एक निहायत उम्दा क़िस्सा बयान करते हैं अगरचे तुम इसके पहले (उससे) बिल्कुल बेख़बर थे
4إِذْ قَالَ يُوسُفُ لِأَبِيهِ يَا أَبَتِ إِنِّي رَأَيْتُ أَحَدَ عَشَرَ كَوْكَبًا وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ رَأَيْتُهُمْ لِي سَاجِدِينَ
(वह वक्त याद करो) जब यूसूफ ने अपने बाप से कहा ऐ अब्बा मैने ग्यारह सितारों और सूरज चाँद को (ख्वाब में) देखा है मैने देखा है कि ये सब मुझे सजदा कर रहे हैं
यूसुफकुरान सूची
111आयत
मक्कीअवतरण स्थान
2आयत

अनुवाद — यूसुफ 2

सूरा यूसुफ आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हमने इस किताब (क़ुरान) को अरबी में नाज़िल किया है…

सूरा आयत 2/111 — सूरा यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूसुफ सुनें, सूरा यूसुफ अनुवाद, सूरा यूसुफ mp3, सूरा यूसुफ pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Monday, September 28, 2026

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