अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَضْغَاثُ أَحْلَامٍ: सपनों का मिला-जुला समूह, अर्थात् ऐसे सपने जो आपस में गड्ड-मड्ड हों और जिनका कोई स्पष्ट अर्थ न निकले। "ضِغْث" का अर्थ है घास या पौधों का गट्ठर, और "أَحْلَام" सपनों को कहते हैं।
- بِتَأْوِيلِ: ताबीर (अर्थ निकालने) के बारे में।
- بِعَالِمِينَ: जानने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब राजा ने अपने दरबारियों और पंडितों को अपना सपना बताया—जिसमें सात मोटी गायें थीं जिन्हें सात दुबली गायें खा रही थीं, और सात हरी बालियाँ तथा सात सूखी बालियाँ थीं—तो उन्होंने कहा: "यह तो सपनों का एक मिला-जुला और उलझा हुआ समूह है, जिसका कोई ठोस अर्थ नहीं है। यह कोई सच्चा और स्पष्ट सपना नहीं है जिसकी ताबीर की जा सके। और हम ऐसे मिले-जुले और भ्रामक सपनों का अर्थ निकालने का ज्ञान नहीं रखते।" उन्होंने अपनी असमर्थता और अज्ञानता का इज़हार किया, क्योंकि इस प्रकार के सपने न तो स्पष्ट होते हैं और न ही उनकी कोई निश्चित व्याख्या होती है। यह उत्तर उनकी निरुत्तरता और ज्ञान की कमी को दर्शाता है, क्योंकि वे सपने की ताबीर के उस्ताद नहीं थे।
फ़ायदे (सीख):
- यह आयत हमें सिखाती है कि ज्ञान की कमी को स्वीकार करना कोई शर्म की बात नहीं है। जब किसी चीज़ का ज्ञान न हो, तो स्पष्ट रूप से कह देना चाहिए कि हमें नहीं मालूम, बजाय इसके कि मनमानी बात कही जाए।
- सपनों की ताबीर एक विशेष ज्ञान है, जो अल्लाह किसी को देता है। यह सामान्य ज्ञान नहीं है, बल्कि अल्लाह की ओर से विशेष देन है, जैसा कि यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) को दी गई थी।
- इससे पता चलता है कि सच्चे ज्ञानी और विद्वान वही हैं जो अल्लाह की दी हुई समझ और ज्ञान से काम लें, और जो बात न आती हो उसे अल्लाह के नबियों और उनके वारिसों (विद्वानों) से पूछें।
- यह आयत यह भी बताती है कि मुसीबत और उलझन के समय अल्लाह के नेक बंदों की ओर रुख करना चाहिए, क्योंकि अल्लाह उन्हें ऐसे मामलों में हल निकालने की तौफ़ीक़ देता है, जैसा कि आगे की आयतों में यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने सपने की सही ताबीर बताई।
📜 आयत 42-46 — यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 44
सूरा यूसुफ आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उन लोगों ने अर्ज़ की कि ये तो (कुछ) ख्वाब…सूरा आयत 44/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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