यूसुफ · 43/111
अनुवाद उच्चारण — यूसुफ
وَقَالَ الْمَلِكُ إِنِّي أَرَىٰ سَبْعَ بَقَرَاتٍ سِمَانٍ يَأْكُلُهُنَّ سَبْعٌ عِجَافٌ وَسَبْعَ سُنبُلَاتٍ خُضْرٍ وَأُخَرَ يَابِسَاتٍ ۖ يَا أَيُّهَا الْمَلَأُ أَفْتُونِي فِي رُؤْيَايَ إِن كُنتُمْ لِلرُّؤْيَا تَعْبُرُونَ ۝٤٣
Wa qaalal maliku inneee araa sab`a baqaraatin simaaniny yaakuluhunna sab`un `ijaafunw wa sab`a sumbulaatinkhudrinw wa ukhara yaabisaat; yaaa ayuhal mala-u aftoonee fee nu`yaaya in kuntum lirru`yaa ta`buroon
📖 हिंदी अर्थ
और (इसी असना (बीच) में) बादशाह ने (भी ख्वाब देखा और) कहा मैने देखा है कि सात मोटी ताज़ी गाए हैं उनको सात दुबली पतली गाय खाए जाती हैं और सात ताज़ी सब्ज़ बालियॉ (देखीं) और फिर (सात) सूखी बालियॉ ऐ (मेरे दरबार के) सरदारों अगर तुम लोगों को ख्वाब की ताबीर देनी आती हो तो मेरे (इस) ख्वाब के बारे में हुक्म लगाओ
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • سِمَانٍ: मोटी-ताज़ी (बैल या गायें)
  • عِجَافٌ: दुबली-पतली, कमज़ोर
  • سُنبُلَاتٍ خُضْرٍ: हरी बालियाँ (गेहूँ की)
  • يَابِسَاتٍ: सूखी हुई बालियाँ
  • الْمَلَأُ: बड़े-बड़े सरदार, रईस और दरबारी
  • تَعْبُرُونَ: स्वप्न का अर्थ निकालना, व्याख्या करना

तफ़सीर (व्याख्या):

मिस्र के बादशाह (राजा) ने एक स्वप्न देखा जिससे वह बहुत परेशान और हैरान था। उसने अपने दरबार के बड़े-बड़े अधिकारियों, विद्वानों और ज्योतिषियों को बुलाकर कहा: "मैंने स्वप्न में देखा कि सात मोटी-ताज़ी गायें नील नदी से निकलकर आईं, और उन्हें सात दुबली-पतली गायें खा गईं। फिर मैंने देखा कि सात हरी-भरी बालियाँ (गेहूँ की) उगीं, और उनके बाद सात सूखी हुई बालियाँ आईं जिन्होंने उन हरी बालियों को घेर लिया और उनकी हरियाली को खत्म कर दिया।"

राजा ने अपने दरबारियों से कहा: "ऐ सरदारों और बड़े लोगों! अगर तुम्हें स्वप्नों की व्याख्या करनी आती है, तो मुझे इस स्वप्न का अर्थ बताओ।"

यह स्वप्न वास्तव में अल्लाह की ओर से एक संकेत था कि मिस्र में सात साल खूब अच्छे और खुशहाल होंगे, जिनमें फसलें बहुतायत से होंगी। उसके बाद सात साल सूखा और अकाल पड़ेगा, जो उस सारे अनाज को खा जाएगा जो पहले सात वर्षों में जमा किया गया होगा। लेकिन राजा के दरबारी और ज्योतिषी इस स्वप्न का सही अर्थ नहीं समझ पाए, क्योंकि यह एक ईश्वरीय इशारा था जिसे केवल अल्लाह के चुने हुए नबी ही समझ सकते थे।

फ़ायदे (लाभ और सबक):

  1. स्वप्न की व्याख्या एक विशेष ज्ञान है: यह आयत बताती है कि स्वप्नों की सही व्याख्या एक ईश्वरीय विद्या है, जो अल्लाह अपने पसंदीदा बंदों को देता है। हर व्यक्ति इसका अर्थ नहीं समझ सकता।
  2. मुसीबत के समय अल्लाह की ओर रुजू करें: राजा ने अपने दरबारियों से पूछा, लेकिन जब वे नाकाम रहे, तो अल्लाह ने यूसुफ (अलैहिस्सलाम) के ज़रिए इसका सही अर्थ बताया। यह सिखाता है कि जब इंसान अपनी समझ से बाहर की बात का सामना करे, तो उसे अल्लाह की ओर रुजू करना चाहिए।
  3. योजना और तैयारी की सीख: इस स्वप्न में आने वाले समय की तैयारी का संकेत है। अच्छे समय में मेहनत करके बुरे समय के लिए जमा करना एक अक्लमंदी की बात है। यह हमें सिखाता है कि जीवन में आने वाले कठिन दिनों के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
  4. अल्लाह की कुदरत: यह आयत दिखाती है कि अल्लाह अपने नबियों को ग़ैब की खबरें देता है और उनके ज़रिए लोगों को राहत पहुँचाता है। यूसुफ (अलैहिस्सलाम) की यह विशेषता थी कि अल्लाह ने उन्हें स्वप्नों की व्याख्या का ज्ञान दिया था।
  5. इल्म की अहमियत: राजा ने विद्वानों और बड़े लोगों से पूछा, यह दिखाता है कि मुश्किल मामलों में विद्वानों और अहले-इल्म से राय लेना चाहिए। लेकिन सच्चा इल्म वही है जो अल्लाह की ओर से आए।
🎧 सुनें

📜 आयत 41-45 — यूसुफ

41يَا صَاحِبَيِ السِّجْنِ أَمَّا أَحَدُكُمَا فَيَسْقِي رَبَّهُ خَمْرًا ۖ وَأَمَّا الْآخَرُ فَيُصْلَبُ فَتَأْكُلُ الطَّيْرُ مِن رَّأْسِهِ ۚ قُضِيَ الْأَمْرُ الَّذِي فِيهِ تَسْتَفْتِيَانِ
ऐ मेरे क़ैद ख़ाने के दोनो रफीक़ो (अच्छा अब ताबीर सुनो तुममें से एक (जिसने अंगूर देखा रिहा होकर) अपने मालिक को शराब पिलाने का काम करेगा और (दूसरा) जिसने रोटियाँ सर पर (देखी हैं) तो सूली दिया जाएगा और चिड़िया उसके सर से (नोच नोच) कर खाएगी जिस अम्र को तुम दोनों दरयाफ्त करते थे (वह ये है और) फैसला हो चुका है
42وَقَالَ لِلَّذِي ظَنَّ أَنَّهُ نَاجٍ مِّنْهُمَا اذْكُرْنِي عِندَ رَبِّكَ فَأَنسَاهُ الشَّيْطَانُ ذِكْرَ رَبِّهِ فَلَبِثَ فِي السِّجْنِ بِضْعَ سِنِينَ
और उन दोनों में से जिसकी निस्बत यूसुफ ने समझा था वह रिहा हो जाएगा उससे कहा कि अपने मालिक के पास मेरा भी तज़किरा करना (कि मैं बेजुर्म क़ैद हूँ) तो शैतान ने उसे अपने आक़ा से ज़िक्र करना भुला दिया तो यूसुफ क़ैद ख़ाने में कई बरस रहे
43وَقَالَ الْمَلِكُ إِنِّي أَرَىٰ سَبْعَ بَقَرَاتٍ سِمَانٍ يَأْكُلُهُنَّ سَبْعٌ عِجَافٌ وَسَبْعَ سُنبُلَاتٍ خُضْرٍ وَأُخَرَ يَابِسَاتٍ ۖ يَا أَيُّهَا الْمَلَأُ أَفْتُونِي فِي رُؤْيَايَ إِن كُنتُمْ لِلرُّؤْيَا تَعْبُرُونَ
और (इसी असना (बीच) में) बादशाह ने (भी ख्वाब देखा और) कहा मैने देखा है कि सात मोटी ताज़ी गाए हैं उनको सात दुबली पतली गाय खाए जाती हैं और सात ताज़ी सब्ज़ बालियॉ (देखीं) और फिर (सात) सूखी बालियॉ ऐ (मेरे दरबार के) सरदारों अगर तुम लोगों को ख्वाब की ताबीर देनी आती हो तो मेरे (इस) ख्वाब के बारे में हुक्म लगाओ
44قَالُوا أَضْغَاثُ أَحْلَامٍ ۖ وَمَا نَحْنُ بِتَأْوِيلِ الْأَحْلَامِ بِعَالِمِينَ
उन लोगों ने अर्ज़ की कि ये तो (कुछ) ख्वाब परेशॉ (सा) है और हम लोग ऐसे ख्वाब (परेशॉ) की ताबीर तो नहीं जानते हैं
45وَقَالَ الَّذِي نَجَا مِنْهُمَا وَادَّكَرَ بَعْدَ أُمَّةٍ أَنَا أُنَبِّئُكُم بِتَأْوِيلِهِ فَأَرْسِلُونِ
और जिसने उन दोनों में से रिहाई पाई थी (साकी) और उसको एक ज़माने के बाद (यूसुफ का क़िस्सा) याद आया बोल उठा कि मुझे (क़ैद ख़ाने तक) जाने दीजिए तो मैं उसकी ताबीर बताए देता हूँ
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अनुवाद — यूसुफ 43

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सूरा आयत 43/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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