Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سِمَانٍ: मोटी-ताज़ी (बैल या गायें)
- عِجَافٌ: दुबली-पतली, कमज़ोर
- سُنبُلَاتٍ خُضْرٍ: हरी बालियाँ (गेहूँ की)
- يَابِسَاتٍ: सूखी हुई बालियाँ
- الْمَلَأُ: बड़े-बड़े सरदार, रईस और दरबारी
- تَعْبُرُونَ: स्वप्न का अर्थ निकालना, व्याख्या करना
तफ़सीर (व्याख्या):
मिस्र के बादशाह (राजा) ने एक स्वप्न देखा जिससे वह बहुत परेशान और हैरान था। उसने अपने दरबार के बड़े-बड़े अधिकारियों, विद्वानों और ज्योतिषियों को बुलाकर कहा: "मैंने स्वप्न में देखा कि सात मोटी-ताज़ी गायें नील नदी से निकलकर आईं, और उन्हें सात दुबली-पतली गायें खा गईं। फिर मैंने देखा कि सात हरी-भरी बालियाँ (गेहूँ की) उगीं, और उनके बाद सात सूखी हुई बालियाँ आईं जिन्होंने उन हरी बालियों को घेर लिया और उनकी हरियाली को खत्म कर दिया।"
राजा ने अपने दरबारियों से कहा: "ऐ सरदारों और बड़े लोगों! अगर तुम्हें स्वप्नों की व्याख्या करनी आती है, तो मुझे इस स्वप्न का अर्थ बताओ।"
यह स्वप्न वास्तव में अल्लाह की ओर से एक संकेत था कि मिस्र में सात साल खूब अच्छे और खुशहाल होंगे, जिनमें फसलें बहुतायत से होंगी। उसके बाद सात साल सूखा और अकाल पड़ेगा, जो उस सारे अनाज को खा जाएगा जो पहले सात वर्षों में जमा किया गया होगा। लेकिन राजा के दरबारी और ज्योतिषी इस स्वप्न का सही अर्थ नहीं समझ पाए, क्योंकि यह एक ईश्वरीय इशारा था जिसे केवल अल्लाह के चुने हुए नबी ही समझ सकते थे।
फ़ायदे (लाभ और सबक):
- स्वप्न की व्याख्या एक विशेष ज्ञान है: यह आयत बताती है कि स्वप्नों की सही व्याख्या एक ईश्वरीय विद्या है, जो अल्लाह अपने पसंदीदा बंदों को देता है। हर व्यक्ति इसका अर्थ नहीं समझ सकता।
- मुसीबत के समय अल्लाह की ओर रुजू करें: राजा ने अपने दरबारियों से पूछा, लेकिन जब वे नाकाम रहे, तो अल्लाह ने यूसुफ (अलैहिस्सलाम) के ज़रिए इसका सही अर्थ बताया। यह सिखाता है कि जब इंसान अपनी समझ से बाहर की बात का सामना करे, तो उसे अल्लाह की ओर रुजू करना चाहिए।
- योजना और तैयारी की सीख: इस स्वप्न में आने वाले समय की तैयारी का संकेत है। अच्छे समय में मेहनत करके बुरे समय के लिए जमा करना एक अक्लमंदी की बात है। यह हमें सिखाता है कि जीवन में आने वाले कठिन दिनों के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
- अल्लाह की कुदरत: यह आयत दिखाती है कि अल्लाह अपने नबियों को ग़ैब की खबरें देता है और उनके ज़रिए लोगों को राहत पहुँचाता है। यूसुफ (अलैहिस्सलाम) की यह विशेषता थी कि अल्लाह ने उन्हें स्वप्नों की व्याख्या का ज्ञान दिया था।
- इल्म की अहमियत: राजा ने विद्वानों और बड़े लोगों से पूछा, यह दिखाता है कि मुश्किल मामलों में विद्वानों और अहले-इल्म से राय लेना चाहिए। लेकिन सच्चा इल्म वही है जो अल्लाह की ओर से आए।
📜 आयत 41-45 — सूरा यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 43
सूरा यूसुफ आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (इसी असना (बीच) में) बादशाह ने (भी ख्वाब देखा…सूरा आयत 43/111 — सूरा यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूसुफ सुनें, सूरा यूसुफ अनुवाद, सूरा यूसुफ mp3, सूरा यूसुफ pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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