अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَجَا: बच निकला, छुटकारा पाया।
- وَادَّكَرَ: याद किया, स्मरण किया (यहाँ इसका अर्थ है कि वह यूसुफ़ अलैहिस्सलाम को याद कर बैठा)।
- أُمَّةٍ: यहाँ इसका अर्थ है "लंबी अवधि" या "कुछ समय"।
- أُنَبِّئُكُم: मैं तुम्हें सूचित करता हूँ, बताता हूँ।
- تَأْوِيلِهِ: इसकी व्याख्या, इसका अर्थ (यहाँ स्वप्न की व्याख्या)।
- فَأَرْسِلُونِ: मुझे भेज दो (राजा से कहा)।
विस्तृत व्याख्या:
यह वह व्यक्ति था जो यूसुफ़ अलैहिस्सलाम के साथ जेल में था और उन दोनों क़ैदियों में से एक था जिसे (स्वप्न के अनुसार) छुड़ाया गया और वह राजा का पिलाने वाला (साक़ी) बन गया। उसने काफ़ी समय बीत जाने के बाद यूसुफ़ अलैहिस्सलाम को याद किया — वह समय जब वह उनके साथ जेल में था और उनकी स्वप्न व्याख्या की विद्वता देख चुका था। उस समय राजा ने एक अजीब स्वप्न देखा था (सात मोटी गायें जिन्हें सात पतली गायें खा रही थीं, और सात हरी बालियाँ तथा सात सूखी बालियाँ) और सभी दरबारी उसकी व्याख्या से असमंजस में थे। तब यह साक़ी बोला: "मैं तुम्हें इस स्वप्न की व्याख्या बताऊँगा, मुझे यूसुफ़ के पास भेज दो।" उसने यह इसलिए कहा क्योंकि उसे विश्वास था कि यूसुफ़ अलैहिस्सलाम इसका सही अर्थ बता सकते हैं।
यह उसकी ओर से एक प्रकार का पश्चाताप और यूसुफ़ अलैहिस्सलाम की याद थी, क्योंकि वह पहले उनका ज़िक्र भूल चुका था। अब उसने महसूस किया कि यूसुफ़ ही इस समस्या का हल हैं, इसलिए उसने राजा से कहा: "मुझे यूसुफ़ के पास भेजिए, ताकि मैं उनसे इस स्वप्न की व्याख्या पूछकर आपके पास लाऊँ।"
इस आयत से मिलने वाली शिक्षाएँ और लाभ:
- विद्या और ज्ञान की महत्ता: यह आयत दिखाती है कि सच्चा ज्ञान और विद्वता — विशेषकर वह जो अल्लाह की ओर से दी गई हो — समाज में सबसे अधिक आवश्यक और सम्मानित होती है। राजा के दरबार में कोई भी स्वप्न की व्याख्या नहीं कर सका, लेकिन यूसुफ़ अलैहिस्सलाम का ज्ञान सबसे ऊपर था।
- भूलने के बाद याद करना और सच्चाई की ओर लौटना: साक़ी ने यूसुफ़ को काफ़ी समय तक भुलाए रखा, लेकिन जब ज़रूरत पड़ी तो उसने उन्हें याद किया। यह हमें सिखाता है कि इंसान को चाहिए कि वह सच्चाई और अच्छाई को कभी पूरी तरह न भूलें, और जब भी अवसर मिले, उसकी ओर लौट जाए।
- अच्छे लोगों से मदद लेना: जब इंसान किसी मुश्किल में होता है, तो उसे उन लोगों की ओर रुख करना चाहिए जिनके पास दीन और दुनिया का ज्ञान हो। यह विनम्रता और सही रास्ते की पहचान है।
- अल्लाह के नबियों की विशेषता: यूसुफ़ अलैहिस्सलाम का जेल में रहते हुए भी ज्ञान और हिकमत का खज़ाना होना दिखाता है कि अल्लाह के प्यारे बंदे किसी भी हालत में अपनी विद्वता और अच्छाई से लोगों की भलाई करते हैं। यह हमें सिखाता है कि मुसीबत में भी हमें अपने ज्ञान और अख़लाक़ का इस्तेमाल करते रहना चाहिए।
- स्वप्न की व्याख्या का महत्व: इस आयत से पता चलता है कि स्वप्न की सही व्याख्या एक विशेष ज्ञान है जो अल्लाह अपने चुने हुए बंदों को देता है। यह उनकी नबुव्वत और अल्लाह से निकटता की निशानी है।
📜 आयत 43-47 — यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 45
सूरा यूसुफ आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिसने उन दोनों में से रिहाई पाई थी (साकी)…सूरा आयत 45/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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