Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- طُوبَىٰ: खुशी, आनंद, अच्छी ज़िंदगी, या वह पेड़ जो जन्नत में होगा। कुछ मुफ़स्सिरीन ने इसे "खुशहाली और आराम" से ताबीर किया है।
- مَآب: लौटने की जगह, अंतिम ठिकाना, पनाहगाह।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में है जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूल (ﷺ) पर ईमान लाया और अपने ईमान को सिर्फ ज़ुबानी नहीं रखा, बल्कि उसे अच्छे कर्मों — नमाज़, रोज़ा, ज़कात, सच्चाई, नेकी, और लोगों की भलाई — के साथ जोड़ा। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने "طُوبَىٰ" का वादा किया है, जिसका मतलब है हर तरह की खुशी, दिल की तसल्ली, और ऐसी ज़िंदगी जिसमें कोई ग़म और परेशानी न हो। यह खुशी दुनिया में भी उन्हें मिलती है — क्योंकि ईमान और नेकी से दिल को सुकून मिलता है — और आख़िरत में भी उनका अंजाम बेहतरीन होगा।
"وَحُسْنُ مَآبٍ" का मतलब है कि उनका आख़िरी ठिकाना जन्नत होगी, जो हर तरह की नेमतों, रहमत और अल्लाह की रज़ा से भरा हुआ है। यानी उनका सफ़र दुनिया से आख़िरत तक खुशी और कामयाबी पर ख़त्म होगा। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी ख़ुशख़बरी है जो अल्लाह पर भरोसा रखते हैं और अच्छे काम करते हैं।
फ़ायदे (सबक):
- ईमान और अच्छे कर्मों का जोड़ ही असली कामयाबी की कुंजी है। सिर्फ ईमान का दावा काफी नहीं, बल्कि उसे अमल से साबित करना ज़रूरी है।
- अल्लाह अपने नेक बंदों को दुनिया में भी दिल का सुकून और खुशी देता है, भले ही उनके पास माल कम हो — क्योंकि असली खुशी दिल की सफाई और अल्लाह की रज़ा में है।
- यह आयत मोमिनों को उम्मीद देती है कि उनकी मेहनत और नेकियाँ बेकार नहीं जाएँगी; आख़िरत में उनका इंतज़ार बेहतरीन जगह कर रही है।
- इससे पता चलता है कि इस्लाम में दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई का ख़याल रखा गया है — नेकी से दुनिया भी अच्छी बनती है और आख़िरत भी।
- "طُوبَىٰ" का ज़िक्र बताता है कि अल्लाह की रहमत इतनी वसीह है कि वह अपने बंदों को सिर्फ जन्नत ही नहीं, बल्कि उससे पहले ही खुशी और आनंद की ज़िंदगी का वादा करता है — यह उसके प्यार और करम की निशानी है।
📜 आयत 27-31 — सूरा अर-राद
अनुवाद — अर-राद 29
सूरा अर-राद आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अच्छे अच्छे काम…सूरा आयत 29/43 — सूरा अर-राद الرعد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-राद सुनें, सूरा अर-राद अनुवाद, सूरा अर-राद mp3, सूरा अर-राद pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


