Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَخِرُّونَ (गिरते हैं) – यानी सजदे में गिर जाते हैं।
- لِلْأَذْقَانِ (ठोड़ियों के बल) – यानी अपनी ठुड्डियों (चेहरे) के बल ज़मीन पर गिरते हैं।
- يَبْكُونَ (रोते हैं) – ख़ौफ़ और ख़ुशू (विनम्रता) से आँसू बहाते हैं।
- خُشُوعًا (ख़ुशू) – अल्लाह के सामने पूर्ण विनम्रता, दिल का झुकना और अदब।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन सच्चे बंदों का वर्णन करती है जो जब क़ुरआन की आयतें सुनते हैं, तो उनके दिल पिघल जाते हैं और वे अल्लाह के सामने सजदे में गिर पड़ते हैं। वे अपनी ठोड़ियों (चेहरे) के बल ज़मीन पर गिरते हैं—यह उनके अत्यधिक समर्पण और अदब की निशानी है। वे रोते हैं, क्योंकि अल्लाह की आयतें उनके दिलों को छू जाती हैं, उन्हें अपनी कमज़ोरी और अल्लाह की बड़ाई का एहसास कराती हैं। यह रोना दुख का नहीं, बल्कि अल्लाह के डर, मोहब्बत और शुक्र का रोना होता है।
इन बंदों की खासियत यह है कि क़ुरआन सुनकर उनका ख़ुशू (विनम्रता) और बढ़ जाता है। हर बार जब वे क़ुरआन सुनते हैं, उनका दिल और नरम हो जाता है, उनका ईमान मज़बूत होता है और अल्लाह के सामने झुकाव और गहरा हो जाता है। यह उनके लिए अल्लाह की तरफ से एक बड़ी नेमत है कि क़ुरआन उनके दिलों को सख्त नहीं करता, बल्कि हर बार नई रोशनी और सुकून देता है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि क़ुरआन सिर्फ़ पढ़ने की चीज़ नहीं, बल्कि दिल से जुड़ने की चीज़ है। जो लोग इसे सच्चे दिल से सुनते हैं और समझते हैं, उनके दिलों में अल्लाह का डर और मोहब्बत पैदा होती है। आज हमें चाहिए कि क़ुरआन को सिर्फ़ तिलावत के लिए न रखें, बल्कि उसके मानी पर ग़ौर करें, उस पर अमल करें और उससे अपने दिलों को जगाएँ। जब दिल क़ुरआन से जुड़ेगा, तो आँखों से आँसू भी निकलेंगे और सीना भी ठंडा होगा। अल्लाह उन बंदों से मुहब्बत करता है जो उसके कलाम के सामने झुकते हैं, रोते हैं और अपने ख़ुशू को बढ़ाते हैं। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया की बेचैनियों से निकालकर सुकून की मंज़िल तक पहुँचाता है।
📜 आयत 107-111 — सूरा अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 109
सूरा अल-इसरा आयत 109 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये लोग (सजदे के लिए) मुँह के बल गिर…सूरा आयत 109/111 — सूरा अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इसरा सुनें, सूरा अल-इसरा अनुवाद, सूरा अल-इसरा mp3, सूरा अल-इसरा pdf. आयत 107–111. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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