अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- سُبْحَانَ رَبِّنَا: हमारे रब की पाकी बयान करते हैं, उसे हर कमी और दोष से मुक्त कहते हैं।
- إِن كَانَ: निश्चय ही (यहाँ "كان" का प्रयोग ताकीद के लिए हुआ है)।
- لَمَفْعُولًا: अवश्य होने वाला, पूरा होकर रहने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब ये सच्चे ज्ञान वाले लोग क़ुरआन की आयात सुनते हैं, तो वे सजदे में गिर जाते हैं और अपने रब की पाकी बयान करते हुए कहते हैं: "हमारा रब हर उस चीज़ से पाक है जो मुशरिकीन उसके बारे में कहते हैं। वह कभी अपना वादा नहीं तोड़ता।" वे यह भी गवाही देते हैं कि अल्लाह का वादा—चाहे वह सज़ा का हो या इनाम का, चाहे क़यामत का हो या नबी के आने का—अवश्य पूरा होकर रहेगा। इसमें कोई शक नहीं कि अल्लाह का हर वादा सच्चा है और उसका पूरा होना लाज़िमी है।
ये लोग अपने रब की तारीफ़ करते हुए उसकी बड़ाई बयान करते हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी आँखों से देख लिया कि अल्लाह का वादा सच्चा है। वे जानते हैं कि जिस रब ने यह क़ुरआन उतारा है, वह अपने बंदों से कभी झूठा वादा नहीं करता। इसलिए वे सजदे में जाकर उसकी तारीफ़ करते हैं और उसकी पाकी बयान करते हैं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के वादे पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। जब हम क़ुरआन पढ़ते हैं और उसकी आयात सुनते हैं, तो हमारा दिल नरम होना चाहिए और हमें सजदे में झुक जाना चाहिए। अल्लाह का वादा कभी झूठा नहीं होता—चाहे वह जन्नत का वादा हो या जहन्नम की चेतावनी। यही ईमान की निशानी है कि इंसान अल्लाह के वादे पर यक़ीन करे और उसके आगे सर झुकाए। जो लोग अल्लाह के वादे पर भरोसा करते हैं, वे कभी निराश नहीं होते और उनकी ज़िंदगी में सुकून और इत्मिनान होता है। आइए, हम भी इन नेक बंदों की तरह अल्लाह की पाकी बयान करें और उसके वादों पर पूरा भरोसा रखें।
📜 आयत 106-110 — अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 108
सूरा अल-इसरा आयत 108 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और कहते हैं कि हमारा परवरदिगार (हर ऐब से) पाक…सूरा आयत 108/111 — अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इसरा सुनें, अल-इसरा अनुवाद, अल-इसरा mp3, अल-इसरा pdf. आयत 106–110. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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