अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَاخِعٌ (बाख़ि): अपनी जान को हलाक करने वाला, यानी खुद को तबाह करने वाला।
- عَلَى آثَارِهِمْ (अला आसारिहिम): उनके पीछे, उनके मुंह मोड़ने और तुमसे दूर जाने के बाद।
- أَسَفًا (असफ़न): अत्यधिक गम और दुख के कारण।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! तुम अपने ऊपर ज़ुल्म न करो। ये लोग जब तुम्हारी बात नहीं मानते और तुमसे मुंह मोड़कर चले जाते हैं, तो तुम्हारा दिल उनके हाल पर इतना जलता है कि तुम अपनी जान ही हलाक करने पर आमादा हो जाते हो। तुम्हें लगता है कि काश! ये लोग इस क़ुरआन पर ईमान ले आते, तो कितना अच्छा होता। लेकिन ऐ रसूल! ऐसा मत करो। ये तुम्हारा काम नहीं है कि तुम लोगों को ज़बरदस्ती मोमिन बनाओ। तुम्हारा काम तो सिर्फ पैग़ाम पहुंचाना है। हिदायत देना तो अल्लाह के हाथ में है। वही जिसे चाहे हिदायत देता है और जिसे चाहे गुमराही में छोड़ देता है।
ये क़ुरआन एक ऐसी रोशनी है जो सच्चे दिल वालों को राह दिखाती है। जो लोग इस पर ईमान लाते हैं, वही कामयाब हैं। और जो इससे मुंह मोड़ते हैं, उनका नुक़सान उन्हीं का है, तुम्हारा नहीं। तुम तो सिर्फ एक रहनुमा हो, मजबूर करने वाले नहीं। अल्लाह ने तुम्हें जो ज़िम्मेदारी दी है, वो तुमने पूरी कर दी। अब अगर वो नहीं मानते, तो उनका हिसाब अल्लाह के सुपुर्द है।
ऐ नबी! तुम्हारा दर्द और तुम्हारी मोहब्बत उनके लिए बहुत बड़ी नेमत है। लेकिन याद रखो, हिदायत अल्लाह के हाथ में है। तुम अपनी जान को इस कदर गम में न डुबोओ। तुम्हारा काम पैग़ाम पहुंचाना है, और तुमने वो पूरे हुस्न के साथ अंजाम दिया। अब अल्लाह पर भरोसा रखो और सब्र करो। ये क़ुरआन उन लोगों के लिए रहमत और शिफा है जो इस पर ईमान लाते हैं। और जो लोग इससे मुंह मोड़ते हैं, उनके लिए ये हुज्जत है। तुम्हें उनके ईमान न लाने का गम नहीं करना चाहिए, बल्कि अल्लाह की रहमत पर भरोसा रखना चाहिए।
📜 आयत 4-8 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 6
सूरा अल-कहफ आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (ऐ रसूल) अगर ये लोग इस बात को न…सूरा आयत 6/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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