अल-कहफ · 5/110
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-कहफ
مَّا لَهُم بِهِ مِنْ عِلْمٍ وَلَا لِآبَائِهِمْ ۚ كَبُرَتْ كَلِمَةً تَخْرُجُ مِنْ أَفْوَاهِهِمْ ۚ إِن يَقُولُونَ إِلَّا كَذِبًا ۝٥
Maa lahum bihee min `ilminw wa laa li aabaaa`ihim; kaburat kalimatan takhruju min afwaahihim; iny yaqooloona illaa kazibaa
📖 हिंदी अर्थ
न तो उन्हीं को उसकी कुछ खबर है और न उनके बाप दादाओं ही को थी (ये) बड़ी सख्त बात है जो उनके मुँह से निकलती है ये लोग झूठ मूठ के सिवा (कुछ और) बोलते ही नहीं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مَا لَهُم بِهِ مِنْ عِلْمٍ: उन्हें इस (बात) का कोई ज्ञान नहीं है।
  • وَلَا لِآبَائِهِمْ: और न ही उनके पूर्वजों (बाप-दादाओं) को।
  • كَبُرَتْ كَلِمَةً: यह बात बहुत बड़ी (और भयानक) है।
  • تَخْرُجُ مِنْ أَفْوَاهِهِمْ: जो उनके मुँह से निकलती है।
  • إِن يَقُولُونَ إِلَّا كَذِبًا: वे केवल झूठ बोलते हैं।

तफसीर (व्याख्या):

इन मुशरिकों (बहुदेववादियों) के पास उस बात का कोई ज्ञान या प्रमाण नहीं है जो वे अल्लाह के बारे में कहते हैं कि उसने कोई संतान बनाई है। यह बात उन्होंने न तो स्वयं सोच-समझकर कही है और न ही उनके पूर्वजों को इसका कोई ज्ञान था, जिनकी वे अंधी नकल कर रहे हैं। यह एक ऐसी भयानक और घृणित बात है जो उनके मुँह से निकलती है—यह कहना कि अल्लाह का कोई बेटा या संतान है। यह कितनी बड़ी बात है! आसमान और ज़मीन की सारी चीज़ें इससे काँप उठती हैं।

अल्लाह तआला ऐसी हर बात से पाक और मुकद्दस है। वह न तो किसी का पिता है और न ही किसी का पुत्र। यह बात केवल झूठ है, जिसकी कोई जड़ नहीं है। यह झूठ उन्होंने अपनी तरफ से गढ़ लिया है, बिना किसी दलील के, बिना किसी ज्ञान के।


दावत (आमंत्रण) का पहलू:

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के बारे में बिना ज्ञान के बात करना कितना बड़ा गुनाह है। हमें अपने दीन की हर बात को समझकर, ज्ञान के साथ अपनाना चाहिए। इस्लाम हमें तौहीद (एकेश्वरवाद) की पवित्र शिक्षा देता है—अल्लाह एक है, वह अकेला है, उसका कोई साझी नहीं, न कोई संतान और न ही वह किसी की संतान है। यही सच्चा दीन है, और यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत की ओर ले जाता है। आओ, हम अपने अकीदे (विश्वास) को सही करें और अल्लाह की पाक ज़ात के बारे में वही कहें जो उसने खुद कहा है और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने सिखाया है। यही हमारी कामयाबी की कुंजी है।



📜 आयत 3-7 — सूरा अल-कहफ

3مَّاكِثِينَ فِيهِ أَبَدًا
जिसमें वह हमेशा (बाइत्मेनान) तमाम रहेगें
4وَيُنذِرَ الَّذِينَ قَالُوا اتَّخَذَ اللَّهُ وَلَدًا
और जो लोग इसके क़ाएल हैं कि ख़ुदा औलाद रखता है उनको (अज़ाब से) डराओ
5مَّا لَهُم بِهِ مِنْ عِلْمٍ وَلَا لِآبَائِهِمْ ۚ كَبُرَتْ كَلِمَةً تَخْرُجُ مِنْ أَفْوَاهِهِمْ ۚ إِن يَقُولُونَ إِلَّا كَذِبًا
न तो उन्हीं को उसकी कुछ खबर है और न उनके बाप दादाओं ही को थी (ये) बड़ी सख्त बात है जो उनके मुँह से निकलती है ये लोग झूठ मूठ के सिवा (कुछ और) बोलते ही नहीं
6فَلَعَلَّكَ بَاخِعٌ نَّفْسَكَ عَلَىٰ آثَارِهِمْ إِن لَّمْ يُؤْمِنُوا بِهَٰذَا الْحَدِيثِ أَسَفًا
तो (ऐ रसूल) अगर ये लोग इस बात को न माने तो यायद तुम मारे अफसोस के उनके पीछे अपनी जान दे डालोगे
7إِنَّا جَعَلْنَا مَا عَلَى الْأَرْضِ زِينَةً لَّهَا لِنَبْلُوَهُمْ أَيُّهُمْ أَحْسَنُ عَمَلًا
और जो कुछ रुए ज़मीन पर है हमने उसकी ज़ीनत (रौनक़) क़रार दी ताकि हम लोगों का इम्तिहान लें कि उनमें से कौन सबसे अच्छा चलन का है
अल-कहफकुरान सूची
110आयत
मक्कीअवतरण स्थान
5आयत

अनुवाद — अल-कहफ 5

सूरा अल-कहफ आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : न तो उन्हीं को उसकी कुछ खबर है और न…

सूरा आयत 5/110 — सूरा अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-कहफ सुनें, सूरा अल-कहफ अनुवाद, सूरा अल-कहफ mp3, सूरा अल-कहफ pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Wednesday, September 30, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए