Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- तिल्का (تِلْكَ): वह (समुदाय)
- उम्मतुन (أُمَّةٌ): समुदाय, जमात
- ख़लत (خَلَتْ): गुज़र चुकी, बीत चुकी
- कसबत (كَسَبَتْ): कमाया, किया (अच्छा या बुरा)
- ला तुस्अलून (لَا تُسْأَلُونَ): तुमसे पूछा नहीं जाएगा
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत मुसलमानों को एक बहुत बड़ा और अहम सबक़ सिखाती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ये जो समुदाय (पिछले लोग, जैसे हज़रत इब्राहीम, इस्माइल, याक़ूब और उनकी औलाद) तुमसे पहले गुज़र चुके हैं, वे अपने कर्मों के साथ चले गए। उन्होंने जो कुछ भी किया — अच्छा या बुरा — उसका फल उन्हें मिलेगा। और तुम्हारे लिए वही है जो तुम ख़ुद कमाते हो। तुमसे उनके कर्मों के बारे में सवाल नहीं होगा, और न ही वे तुम्हारे कर्मों के बारे में पूछे जाएँगे। हर इंसान अपने किए का ज़िम्मेदार है।
यानी नेकी और बुराई का हिसाब बिल्कुल निजी है। कोई किसी का बोझ नहीं उठाएगा। न तो कोई अपने बाप-दादा की नेकियों से फ़ायदा उठा सकता है (जब तक वह ख़ुद नेक न हो), और न ही किसी के गुनाहों की सज़ा किसी और को दी जाएगी। अल्लाह के यहाँ सिर्फ़ और सिर्फ़ आपका अपना ईमान और आपका अपना अमल काम आएगा।
इस आयत में एक बहुत प्यारी और दिल को छू लेने वाली बात है — कि अल्लाह ने हर इंसान को आज़ादी दी है कि वह अपनी ज़िंदगी ख़ुद बनाए। न कोई उसके लिए शफ़ाअत (सिफ़ारिश) करके उसे जन्नत में डाल सकता है बग़ैर उसके अपने अमल के, और न कोई उसे जहन्नम में डाल सकता है बग़ैर उसके अपने कुकर्मों के। यह अल्लाह का बेइंतहा इंसाफ़ है — कि हर शख्स को उसकी मेहनत का पूरा-पूरा बदला मिलेगा।
और यह भी एक खूबसूरत पहलू है कि अगर आपके माँ-बाप या दादा-दादी ने कोई कमी की हो, तो उसका बोझ आप पर नहीं है। आपको अपनी ज़िंदगी की ज़िम्मेदारी ख़ुद उठानी है। इसलिए किसी और के कर्मों की चिंता छोड़कर अपने अमल की इस्लाह (सुधार) करें। यही सच्ची कामयाबी का रास्ता है। अल्लाह हर अच्छे काम का अज्र (इनाम) देने वाला है, और वह किसी की मेहनत को ज़ाए (बेकार) नहीं करता।
📜 आयत 132-136 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 134
सूरा अल-बकरा आयत 134 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ यहूद) वह लोग थे जो चल बसे जो उन्होंने…सूरा आयत 134/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 132–136. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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