Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- شُهَدَاءَ: उपस्थित होना, गवाह होना।
- حَضَرَ يَعْقُوبَ الْمَوْتُ: याकूब (अलैहिस्सलाम) के पास मौत का समय आना।
- مِن بَعْدِي: मेरे बाद।
- مُسْلِمُونَ: आज्ञाकारी, समर्पित, आत्मसमर्पण करने वाले।
तफसीर (व्याख्या):
हे यहूदियों की संतान! क्या तुम उस समय उपस्थित थे जब याकूब (अलैहिस्सलाम) की मृत्यु का समय आया? उन्होंने अपने बेटों को बुलाकर पूछा: "मेरे बाद तुम किसकी इबादत करोगे?" उनके बेटों ने उत्तर दिया: "हम आपके इबादत करने वाले ईश्वर की इबादत करेंगे, और आपके पूर्वजों इब्राहीम, इस्माईल और इस्हाक के ईश्वर की — जो अकेला है, उसका कोई साझीदार नहीं — और हम उसी के आज्ञाकारी और समर्पित हैं।"
यह आयत यहूदियों को संबोधित करते हुए कहती है कि तुम याकूब (अलैहिस्सलाम) के उस वसीयतनामे के गवाह नहीं थे, जिसमें उन्होंने अपनी संतान को एकेश्वरवाद और इस्लाम (अल्लाह के प्रति समर्पण) पर स्थिर रहने की वसीयत की थी। फिर भी तुम दावा करते हो कि याकूब ने तुम्हें यहूदी धर्म पर मरने की वसीयत की थी। यह झूठ है, क्योंकि याकूब और उनके पूर्वज सभी एकेश्वरवादी मुस्लिम (अल्लाह के आज्ञाकारी) थे, न कि यहूदी या ईसाई। यहूदियों का यह दावा कि याकूब ने उन्हें यहूदी धर्म की वसीयत की, निराधार है। वास्तव में, याकूब ने अपने बेटों से यही वसीयत की थी कि वे अकेले अल्लाह की इबादत करें और उसी के समर्पित रहें। यही सच्चा इस्लाम है, जो सभी पैगंबरों का धर्म रहा है।
फायदे (लाभ):
- यह आयत सिखाती है कि मृत्यु के समय भी इंसान को अपनी संतान को सच्चे धर्म (एकेश्वरवाद) पर स्थिर रहने की वसीयत करनी चाहिए।
- सभी पैगंबरों का धर्म एक ही था — अल्लाह की एकता और उसके प्रति पूर्ण समर्पण (इस्लाम)। यहूदी और ईसाई होने का दावा बाद में लोगों ने अपनी ओर से जोड़ा।
- इंसान को चाहिए कि वह अपने बच्चों को सच्ची शिक्षा दे और उन्हें अल्लाह की इबादत और आज्ञाकारिता पर स्थिर रखे।
- यह आयत बताती है कि अल्लाह के पैगंबरों की संतानें भी उनके नक्शे कदम पर चलने वाली थीं, और हमें भी उन्हीं के रास्ते पर चलना चाहिए।
- इस्लाम ही वह धर्म है जिसे अल्लाह ने सभी पैगंबरों के लिए चुना, और यही वह रास्ता है जो इंसान को दुनिया और आखिरत में सफलता दिलाता है।
📜 आयत 131-135 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 133
सूरा अल-बकरा आयत 133 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ यहूद) क्या तुम उस वक्त मौजूद थे जब याकूब…सूरा आयत 133/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 131–135. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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