अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- المحيض (अल-महीज़): ह़ैज़ (मासिक धर्म) का ख़ून, जो स्त्री के गर्भाशय से निकलता है।
- أذى (अज़ा): गंदगी और तकलीफ़ देने वाली चीज़।
- فاعتزلوا (फ़ा'तज़िलू): अलग रहो, दूर रहो।
- يطهرن (यत्हुरन): ख़ून बंद हो जाए।
- تطهرن (ततह्हरन): पानी से स्नान करके पाक हों।
- التوابين (अत-तव्वाबीन): बार-बार तौबा करने वाले।
- المتطهرين (अल-मुततह्हिरीन): पाकी और सफ़ाई रखने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आपसे लोग ह़ैज़ (मासिक धर्म) के दौरान स्त्री से संबंध बनाने के बारे में पूछते हैं। अल्लाह आपको सिखाता है कि आप उन्हें जवाब दें कि ह़ैज़ एक गंदगी और तकलीफ़ का ज़रिया है, जो स्त्री और पुरुष दोनों के लिए नुक़्सानदेह है। इसलिए अल्लाह ने ह़ुक्म दिया कि ह़ैज़ के दिनों में स्त्रियों से दूर रहो और उनसे संबंध न बनाओ, जब तक कि ख़ून बंद न हो जाए। और जब ख़ून बंद हो जाए और वे पानी से स्नान करके पाक हो जाएँ, तो उनसे उसी तरीक़े से संबंध बनाओ जिस तरीक़े से अल्लाह ने तुम्हें ह़लाल किया है—यानी सिर्फ़ सामने के रास्ते से, पीछे के रास्ते से नहीं।
यह ह़ुक्म अल्लाह की रहमत और हिक्मत से भरा है, क्योंकि इससे इंसान की सिह़्हत और पाकीज़गी दोनों की हिफ़ाज़त होती है। अल्लाह उन लोगों से मुह़ब्बत करता है जो गुनाहों से तौबा करते हैं और अपनी गंदगी को छोड़कर पाकी की तरफ़ लौटते हैं। वह उन लोगों से भी मुह़ब्बत करता है जो पाकी और सफ़ाई को अपनाते हैं, चाहे वह शारीरिक पाकी हो या आत्मिक पवित्रता।
यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम हर मामले में इंसान की भलाई चाहता है। अल्लाह ने जो ह़ुक्म दिए हैं, वे हमारी दुनिया और आख़िरत दोनों की बेहतरी के लिए हैं। जब हम अल्लाह के ह़ुक्मों पर अमल करते हैं, तो हम उसकी मुह़ब्बत के हक़दार बनते हैं। तौबा का दरवाज़ा हमेशा खुला है—चाहे इंसान कितना भी गुनाहगार हो, अगर वह सच्चे दिल से तौबा करे, तो अल्लाह उसे माफ़ कर देता है और उससे मुह़ब्बत करता है। पाकी और सफ़ाई भी ईमान का हिस्सा है—जो लोग पाक रहते हैं, वे अल्लाह के प्यारे बंदे हैं। आइए, हम सब इस ह़ुक्म पर अमल करें और अल्लाह की मुह़ब्बत और रहमत के हक़दार बनें।
📜 आयत 220-224 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 222
सूरा अल-बकरा आयत 222 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम से लोग हैज़ के बारे में पूछते…सूरा आयत 222/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 220–224. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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