ताहा · 13/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
وَأَنَا اخْتَرْتُكَ فَاسْتَمِعْ لِمَا يُوحَىٰ ۝١٣
Wa anakhtartuka fastami` limaa yoohaa
📖 हिंदी अर्थ
और मैंने तुमको पैग़म्बरी के वास्ते मुन्तख़िब किया (चुन लिया) है तो जो कुछ तुम्हारी तरफ़ वही की जाती है उसे कान लगा कर सुनो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • اخْتَرْتُكَ: मैंने तुम्हें चुन लिया, विशेष रूप से अपनी रिसालत (पैग़म्बरी) के लिए तुम्हें पसंद किया।
  • فَاسْتَمِعْ: पूरे ध्यान से सुनो, अपने दिल और कान दोनों को लगाकर सुनो।
  • لِمَا يُوحَىٰ: उस चीज़ के लिए जो तुम्हारी ओर वह्य (प्रकाशना) के रूप में भेजी जा रही है।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ मूसा (अलैहिस्सलाम)! यह वह पवित्र क्षण है जब अल्लाह तआला अपने बंदे से सीधे बात कर रहा है। अल्लाह फ़रमाता है: "मैंने तुम्हें चुन लिया है।" यह कोई साधारण चयन नहीं, बल्कि यह अल्लाह की ओर से एक विशेष सम्मान और ज़िम्मेदारी है। अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) को अपनी रिसालत के लिए, अपना पैग़ाम पहुँचाने के लिए और अपने बंदों को सीधा रास्ता दिखाने के लिए चुना।

यहाँ अल्लाह तआला मूसा (अलैहिस्सलाम) को एक अहम नसीहत दे रहा है: "जो कुछ तुम पर वह्य की जा रही है, उसे पूरे ध्यान से सुनो।" यानी जब अल्लाह की तरफ़ से कोई हिदायत आए, तो उसे सिर्फ़ कानों से नहीं, बल्कि दिल से सुनना चाहिए। जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए, बल्कि पूरे सब्र और तवज्जो के साथ सुनना चाहिए, ताकि वह पैग़ाम पूरी तरह समझ में आए और उस पर अमल किया जा सके।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की बात को सुनना एक बड़ी नेमत है। जब अल्लाह किसी को चुनता है, तो वह उसे अपने दीन की खिदमत का शरफ़ देता है। यह चयन अल्लाह की रहमत से होता है, किसी की अपनी काबिलियत से नहीं। इसलिए जिसे अल्लाह चुने, उसे चाहिए कि वह पूरी तरह अल्लाह के हुक्म के सामने सर झुकाए और जो वह्य आए उसे पूरे ध्यान से सुने।


दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

यह आयत हर मोमिन के लिए एक नूर है। जिस तरह अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) को चुना और उन्हें अपनी वह्य सुनने का शरफ़ दिया, उसी तरह आज हर मुसलमान के पास क़ुरआन है — जो अल्लाह का कलाम है। जब हम क़ुरआन पढ़ते हैं या सुनते हैं, तो हमें भी उसी तवज्जो के साथ सुनना चाहिए, जैसा अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) को हुक्म दिया। अगर हम क़ुरआन को दिल से सुनें, समझें और उस पर अमल करें, तो अल्लाह हमें भी अपनी मोहब्बत और हिदायत से नवाज़ेगा। यही सच्ची कामयाबी है — अल्लाह की बात को सुनना और उस पर चलना।



📜 आयत 11-15 — सूरा ताहा

11فَلَمَّا أَتَاهَا نُودِيَ يَا مُوسَىٰ
फिर जब मूसा आग के पास आए तो उन्हें आवाज आई
12إِنِّي أَنَا رَبُّكَ فَاخْلَعْ نَعْلَيْكَ ۖ إِنَّكَ بِالْوَادِ الْمُقَدَّسِ طُوًى
कि ऐ मूसा बेशक मैं ही तुम्हारा परवरदिगार हूँ तो तुम अपनी जूतियाँ उतार डालो क्योंकि तुम (इस वक्त) तुआ (नामी) पाक़ीज़ा चटियल मैदान में हो
13وَأَنَا اخْتَرْتُكَ فَاسْتَمِعْ لِمَا يُوحَىٰ
और मैंने तुमको पैग़म्बरी के वास्ते मुन्तख़िब किया (चुन लिया) है तो जो कुछ तुम्हारी तरफ़ वही की जाती है उसे कान लगा कर सुनो
14إِنَّنِي أَنَا اللَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا أَنَا فَاعْبُدْنِي وَأَقِمِ الصَّلَاةَ لِذِكْرِي
इसमें शक नहीं कि मैं ही वह अल्लाह हूँ कि मेरे सिवा कोई माबूद नहीं तो मेरी ही इबादत करो और मेरी याद के लिए नमाज़ बराबर पढ़ा करो
15إِنَّ السَّاعَةَ آتِيَةٌ أَكَادُ أُخْفِيهَا لِتُجْزَىٰ كُلُّ نَفْسٍ بِمَا تَسْعَىٰ
(क्योंकि) क़यामत ज़रूर आने वाली है और मैं उसे लामहौला छिपाए रखूँगा ताकि हर शख्स (उसके ख़ौफ से नेकी करे) और वैसी कोशिश की है उसका उसे बदला दिया जाए
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
13आयत

अनुवाद — ताहा 13

सूरा ताहा आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और मैंने तुमको पैग़म्बरी के वास्ते मुन्तख़िब किया (चुन लिया)…

सूरा आयत 13/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.





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Friday, October 2, 2026

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