ताहा · 26/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
وَيَسِّرْ لِي أَمْرِي ۝٢٦
Wa yassir leee amree
📖 हिंदी अर्थ
मगर तू मेरे लिए मेरे सीने को कुशादा फरमा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • وَيَسِّرْ: आसान कर दे, सुगम बना दे
  • لِي: मेरे लिए
  • أَمْرِي: मेरा काम, मेरा मामला

विस्तृत व्याख्या:

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपने रब से एक बहुत ही प्यारी और अद्भुत दुआ की। उन्होंने कहा: "ऐ मेरे रब! मेरे सीने को खोल दे, मेरे काम को आसान कर दे, और मेरी ज़बान की ग्रंथि खोल दे ताकि लोग मेरी बात समझ सकें।"

इस आयत में हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) की दुआ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है — "और मेरे काम को मेरे लिए आसान कर दे।" यह दुआ उन्होंने उस वक़्त की जब उन्हें फ़िरऔन के पास जाकर उसे इस्लाम की ओर बुलाने का आदेश मिला था। यह कोई साधारण काम नहीं था, बल्कि एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी थी — एक ज़ालिम, सरकश और ख़ुदा होने का दावा करने वाले बादशाह के सामने जाकर सच्चाई का पैग़ाम पहुँचाना।

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपने रब से यह दुआ की ताकि उन्हें जो मिशन सौंपा गया है, वह आसानी से पूरा हो सके। उन्होंने यह नहीं कहा कि "मेरे काम को मुश्किलों से भरा बना" बल्कि उन्होंने आसानी की प्रार्थना की, क्योंकि वे जानते थे कि अल्लाह ही है जो मुश्किल को आसान कर सकता है, और जब अल्लाह किसी काम को आसान कर देता है, तो कोई भी चीज़ उसे रोक नहीं सकती।

शिक्षा और प्रेरणा:

इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि जब भी हम कोई बड़ा या छोटा काम करें, तो अल्लाह से उसे आसान करने की दुआ करें। अल्लाह तआला अपने बंदे की दुआ सुनता है और उसके काम को आसान बनाता है। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) जैसे महान पैग़म्बर ने अपने रब से काम आसान करने की दुआ माँगी, तो हमें भी चाहिए कि अपने जीवन के हर मामले में अल्लाह से मदद माँगें।

यह दुआ हमें सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा रखें और उससे हर काम में आसानी की प्रार्थना करें। जब अल्लाह किसी के साथ होता है, तो कोई ताकत उसके रास्ते में रुकावट नहीं बन सकती। अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) की यह दुआ क़बूल की और उनके काम को आसान कर दिया, और फ़िरऔन जैसे ज़ालिम के सामने भी वे कामयाब हुए।

हमें भी चाहिए कि अपने हर काम की शुरुआत में यह दुआ पढ़ें: "रब्बिशरह ली सद्री, व यस्सिर ली अमरी" — "ऐ मेरे रब! मेरा सीना खोल दे और मेरा काम आसान कर दे।" यह दुआ हमारे लिए बहुत बड़ी बरकत और कामयाबी का ज़रिया बन सकती है।



📜 आयत 24-28 — सूरा ताहा

24اذْهَبْ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ إِنَّهُ طَغَىٰ
अब तुम फिरऔन के पास जाओ उसने बहुत सर उठाया है
25قَالَ رَبِّ اشْرَحْ لِي صَدْرِي
मूसा ने अर्ज़ की परवरदिगार (मैं जाता तो हूँ)
26وَيَسِّرْ لِي أَمْرِي
मगर तू मेरे लिए मेरे सीने को कुशादा फरमा
27وَاحْلُلْ عُقْدَةً مِّن لِّسَانِي
और दिलेर बना और मेरा काम मेरे लिए आसान कर दे और मेरी ज़बान से लुक़नत की गिरह खोल दे
28يَفْقَهُوا قَوْلِي
ताकि लोग मेरी बात अच्छी तरह समझें और
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
26आयत

अनुवाद — ताहा 26

सूरा ताहा आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मगर तू मेरे लिए मेरे सीने को कुशादा फरमा

सूरा आयत 26/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.





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Friday, October 2, 2026

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