Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
कठिन शब्दों के अर्थ:
- يُجَادِلُ: झगड़ता है, विवाद करता है
- مَرِيدٍ: सरकश, हद से गुज़रा हुआ, जो अल्लाह की आज्ञा का उल्लंघन करने में जिद्दी हो
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला उन लोगों का हाल बयान कर रहा है जो ज्ञान और दलील के बिना अल्लाह के बारे में झगड़ते हैं। ये लोग अल्लाह की क़ुदरत पर शक करते हैं, ख़ासकर मौत के बाद दोबारा जीवित किए जाने (हश्र) के मामले में। वे बिना किसी इल्म और सबूत के, सिर्फ़ अपनी जहालत और हठधर्मी की वजह से अल्लाह के दीन में विवाद पैदा करते हैं।
ये लोग अपनी इस जिद्दो-जहद में हर उस शैतान की पैरवी करते हैं जो अल्लाह की रहमत से दूर हो चुका है और अपनी सरकशी में हद से गुज़र गया है। यानी वे अंधी पैरवी करते हैं — चाहे वो शैतान इंसानों में से हो या जिन्नात में से। ये शैतान उन्हें गुमराही की तरफ ले जाते हैं और उन्हें अल्लाह की क़ुदरत और उसके वादे पर शक करना सिखाते हैं।
यह आयत हमें एक बड़ा सबक देती है कि दीन के मामलों में बिना इल्म के बोलना और झगड़ना कितनी बड़ी गलती है। इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह के बारे में, उसकी क़ुदरत के बारे में और उसके दीन के बारे में सिर्फ़ उसी ज्ञान से बात करे जो कुरआन और सुन्नत से मिलता है। अल्लाह तआला ने हमें अक्ल दी है और कुरआन भेजा है ताकि हम सही रास्ता पहचानें और शैतान की पैरवी से बचें।
इस आयत में एक चेतावनी भी है कि जो लोग जान-बूझकर अल्लाह के दीन में झगड़ा करते हैं और शैतानों की पैरवी करते हैं, उनका अंजाम बहुत बुरा होगा। लेकिन अल्लाह रहीम है — उसने हमें मौका दिया है कि हम अपनी गलतियों से तौबा करें, इल्म हासिल करें और सीधे रास्ते पर चलें। जो लोग अल्लाह की किताब और उसके रसूल ﷺ की सुन्नत को पकड़ते हैं, अल्लाह उन्हें गुमराही से बचाता है और उन्हें सच्ची मंज़िल तक पहुँचाता है।
आओ हम सब इस आयत से सीख लें कि इल्म के बिना बात न करें, शैतानी ख्यालात से दूर रहें और अल्लाह की क़ुदरत पर पक्का यकीन रखें। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 1-5 — सूरा अल-हज
अनुवाद — अल-हज 3
सूरा अल-हज आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बग़ैर जाने खुदा…सूरा आयत 3/78 — सूरा अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हज सुनें, सूरा अल-हज अनुवाद, सूरा अल-हज mp3, सूरा अल-हज pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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