अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- كُتِبَ عَلَيْهِ – उस पर लिख दिया गया, अर्थात अल्लाह का फैसला और तकदीर उसके बारे में पहले ही लिख दी गई।
- مَن تَوَلَّاهُ – जो उसे (शैतान को) अपना संरक्षक, मित्र और अनुयायी बना ले।
- يُضِلُّهُ – वह उसे सीधे रास्ते से भटका देगा।
- عَذَابِ السَّعِيرِ – भड़कती हुई आग का अज़ाब (दंड)।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत शैतान की उस स्थिति को बयान करती है जो अल्लाह ने पहले से तय कर रखी है। अल्लाह ने शैतान के बारे में यह फैसला सुना दिया है कि जो कोई भी उसका अनुसरण करेगा, उसे अपना मित्र और राहनुमा बनाएगा, तो शैतान उसे ज़रूर गुमराह करेगा। शैतान का स्वभाव ही है कि वह इंसान को सीधे रास्ते से हटाकर अंधकार की ओर ले जाता है। वह उसे अच्छे कामों से रोकता है, बुराइयों को सुंदर दिखाता है, और धीरे-धीरे उसे कुफ्र और गुनाहों की तरफ खींच ले जाता है। अंततः वह उसे उस भड़कती हुई आग (जहन्नम) की ओर ले जाता है, जो उसके पीछे चलने वालों का अंजाम है।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सच्चाई से आगाह करती है कि शैतान हमारा खुला दुश्मन है। वह कभी हमारा भला नहीं चाहता, बल्कि उसकी कोशिश यही होती है कि हमें अल्लाह की राह से भटकाकर जहन्नम की आग में झोंक दे। इसलिए हमें चाहिए कि हम शैतान के बहकावे से बचें, उसकी बातों पर न जाएँ, और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और उसके प्यारे नबी ﷺ की सुन्नत पर चलाकर सुरक्षित करें। अल्लाह ने हमें अक्ल और समझ दी है, साथ ही कुरआन और सुन्नत की रोशनी भी दी है, ताकि हम शैतान के जाल में न फँसें। जो लोग अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से पकड़ लेते हैं, उन्हें शैतान कभी नुकसान नहीं पहुँचा सकता। याद रखिए, शैतान का वादा हमेशा झूठा होता है, जबकि अल्लाह का वादा सच्चा और हमेशा कायम रहने वाला है। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की राह पर चलाएँ और शैतान की पैरवी से बचकर जन्नत की ओर बढ़ें।
📜 आयत 2-6 — अल-हज
अनुवाद — अल-हज 4
सूरा अल-हज आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिन (की पेशानी) के ऊपर (ख़ते तक़दीर से) लिखा जा…सूरा आयत 4/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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