अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَرِثُونَ (यारिसून): विरासत में पाना, उत्तराधिकारी बनना।
- الْفِرْدَوْسَ (अल-फ़िरदौस): जन्नत का सबसे ऊँचा और सबसे उत्तम स्थान, जन्नत का मध्य भाग।
- خَالِدُونَ (ख़ालिदून): हमेशा रहने वाले, कभी न मरने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन मोमिनों की विशेषता बयान कर रही है जो सच्चे ईमान और नेक अमल के साथ जीवन जीते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ये लोग “फ़िरदौस” के वारिस होंगे—यानी जन्नत का वह आला-मक़ाम और सबसे उत्तम दर्जा जो हर नेक बंदे की आरज़ू होती है।
“विरासत में पाना” का ज़िक्र इसलिए किया गया कि यह एहसास दिलाया जाए कि यह नेमत उन्हें बिना किसी मेहनत और अमल के नहीं मिलेगी, बल्कि यह उनके ईमान, सब्र, नमाज़, ज़कात और अच्छे आचरण का फल है—जैसे कोई वारिस किसी अमीर की जायदाद का हक़दार बनता है।
फिर अल्लाह फ़रमाता है: “वे उसमें हमेशा रहने वाले हैं”—यानी उन्हें वहाँ से कभी निकाला नहीं जाएगा, न उनकी मौत आएगी, न उनका सुख-चैन ख़त्म होगा। उनका निवास हमेशा के लिए होगा, और उनकी खुशियाँ कभी कम न होंगी।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह के करीबी बंदों के लिए इंतज़ार में एक ऐसा ठिकाना है जो हर दर्द, हर ग़म और हर कमी से पाक है। यही वह कामयाबी है जिसके लिए हमें दुनिया में अल्लाह की इबादत करनी चाहिए और उसके दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए।
प्यारे भाइयो और बहनो! याद रखिए, जन्नत का सबसे ऊँचा मक़ाम “फ़िरदौस” उन्हीं को मिलेगा जो अपने ईमान को अमल से जोड़ेंगे, अपनी नमाज़ों को पाबंदी से पढ़ेंगे, और अपने रब की राह में भलाई के काम करेंगे। यह वादा अल्लाह का सच्चा वादा है, और अल्लाह कभी अपना वादा नहीं तोड़ता। आइए, हम सब मिलकर इस मंज़िल की तरफ़ कदम बढ़ाएँ और अपने रब से फ़िरदौस की दुआ करें—क्योंकि यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 9-13 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 11
सूरा अल-मोमिनुन आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो बेहश्त बरी का हिस्सा लेंगे (और) यही लोग इसमें…सूरा आयत 11/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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