अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أُولَٰئِكَ (वे लोग): उन गुणों वाले मोमिनों की ओर इशारा है जिनका ज़िक्र पिछली आयात में हुआ।
- الْوَارِثُونَ (वारिस): वे लोग जो किसी चीज़ के उत्तराधिकारी हों।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन मोमिनों की ख़ूबियाँ बयान करने के बाद फ़रमाता है कि यही लोग असली वारिस हैं। यानी वे लोग जो नमाज़ में ख़ुशू-ख़ुज़ू रखते हैं, बेकार बातों से परहेज़ करते हैं, ज़कात अदा करते हैं, अपनी शर्मगाहों की हिफ़ाज़त करते हैं, अमानत और अहद का पालन करते हैं और अपनी नमाज़ों की पाबंदी करते हैं — यही वे लोग हैं जो जन्नत के वारिस होंगे।
यह वारसी किसी माल या ज़मीन की नहीं, बल्कि जन्नत की वारसी है। क़यामत के दिन जब मोमिनों को जन्नत में दाख़िल किया जाएगा, तो कुछ मुनाफ़िक़ीन और काफ़िरों के हिस्से भी मोमिनों को दे दिए जाएँगे। यह अल्लाह का फ़ज़ल और करम है कि उसने अपने नेक बंदों को यह बड़ी मंज़िल अता फ़रमाई।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला की रहमत का दरवाज़ा हर उस बंदे के लिए खुला है जो ईमान लाए और नेक अमल करे। जन्नत कोई ख़्वाब नहीं, बल्कि एक हक़ीक़त है जो उन लोगों का इंतज़ार कर रही है जो अल्लाह की इबादत में मशग़ूल रहते हैं। अगर हम चाहते हैं कि हम भी उन वारिसों में शामिल हों, तो हमें अपनी ज़िंदगी को उन्हीं गुणों के मुताबिक़ ढालना होगा। यह आयत हमें उम्मीद देती है कि अल्लाह की राह पर चलने वालों का अंजाम कभी बर्बादी नहीं होता, बल्कि उनका अंजाम सबसे खूबसूरत और हमेशा रहने वाली जन्नत है। आओ, हम अपने अमल को दुरुस्त करें और इस वारसी के हक़दार बनने की कोशिश करें।
📜 आयत 8-12 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 10
सूरा अल-मोमिनुन आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (आदमी की औलाद में) यही लोग सच्चे वारिस हैसूरा आयत 10/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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