Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خُطُوَاتِ الشَّيْطَانِ: शैतान के कदमों के निशान, यानी उसके रास्ते और तरीके।
- الْفَحْشَاءِ: बहुत बुरे काम, जैसे झूठ, चुगली, बदनामी और व्यभिचार।
- الْمُنكَرِ: वह काम जिसे शरिया (इस्लामी कानून) और अक्ल बुरा कहे, और जिसे अल्लाह ने मना किया हो।
- مَا زَكَى: पवित्र नहीं हुआ, गुनाहों से साफ नहीं हुआ।
- يُزَكِّي: पवित्र करता है, गुनाहों से साफ करता है।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालो! अल्लाह तआला तुम्हें साफ़ हिदायत दे रहा है कि शैतान के निशानों पर न चलो, यानी उसके रास्ते और तरीकों को अपनाने से बचो। शैतान का तरीका यही है कि वह बुरे कामों को खूबसूरत दिखाकर इंसान को गुनाह की तरफ ले जाता है। जो शख्स शैतान के पीछे चलता है, उसे समझ लेना चाहिए कि शैतान उसे हमेशा बुरे कामों — जैसे झूठ, चुगली, बदनामी, व्यभिचार और हर उस काम की तरफ ले जाएगा जिसे अल्लाह ने मना किया है और जिसे अक्ल भी बुरा समझती है।
अल्लाह तआला फरमाता है: अगर अल्लाह का फज़ल (कृपा) और उसकी रहमत (दया) तुम पर न होती, तो तुममें से कोई भी कभी पवित्र न हो पाता — न अपने गुनाहों से तौबा कर पाता, न अपने दिल की गंदगी से साफ हो पाता। लेकिन अल्लाह अपनी रहमत से जिसे चाहता है, पवित्र कर देता है, उसकी तौबा कबूल करता है और उसे गुनाहों से निकालकर सीधे रास्ते पर लगा देता है। यह सब अल्लाह की मेहरबानी है, किसी की अपनी ताकत का कमाल नहीं।
याद रखो कि अल्लाह सब कुछ सुनता है — तुम्हारी जुबान से निकलने वाली हर बात को, और वह तुम्हारे दिलों के भेद और तुम्हारे इरादों को भी जानता है। तुम्हारे अंदर जो नीयत होती है, जो सोच होती है, और जो काम तुम करते हो — सब उसके इल्म में है, और वही उसका हिसाब लेगा।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि इंसान अपनी ताकत से खुद को पवित्र नहीं कर सकता, बल्कि यह अल्लाह की रहमत है जो उसे गुनाहों से बचाती है। इसलिए हमें चाहिए कि हम हमेशा अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें शैतान के रास्तों से बचाए और हमें सीधी राह पर चलाए। जब भी दिल में बुरा ख्याल आए, तो समझ लें कि यह शैतान का इशारा है — और उससे अल्लाह की पनाह माँगें। अल्लाह अपने बंदों से बहुत प्यार करता है, और जो उसकी तरफ लौटता है, वह उसे साफ करके अपनी मुहब्बत से भर देता है। यही सच्ची कामयाबी है — कि हम अल्लाह की रहमत के साये में रहें और शैतान के धोखे से बचे रहें।
📜 आयत 19-23 — सूरा अन-नूर
अनुवाद — अन-नूर 21
सूरा अन-नूर आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (तो तुम देखते क्या होता) ऐ ईमानदारों शैतान के क़दम…सूरा आयत 21/64 — सूरा अन-नूर النور (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नूर सुनें, सूरा अन-नूर अनुवाद, सूरा अन-नूर mp3, सूरा अन-नूर pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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