Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُسَبِّحُ: पवित्रता का वर्णन करता है, अल्लाह को हर दोष से पाक-साफ़ बताता है।
- صَافَّاتٍ: पंख फैलाए हुए (पक्षियों के लिए)।
- صَلَاتَهُ: उसकी प्रार्थना/इबादत।
- تَسْبِيحَهُ: उसकी तस्बीह (पवित्रता का वर्णन)।
तफ़सीर:
ऐ नबी! क्या तुमने नहीं देखा और क्या तुम्हें यह ज्ञात नहीं कि अल्लाह ही वह हस्ती है जिसकी तस्बीह (पवित्रता का वर्णन) वे सभी प्राणी कर रहे हैं जो आसमानों में हैं और जो ज़मीन में हैं? यानी सारा कायनात, चाहे वह फ़रिश्ते हों, इंसान हों, जिन्नात हों, जानवर हों, पहाड़ हों, दरख़्त हों — सब अपनी-अपनी भाषा और अपने-अपने तरीक़े से अल्लाह की पाकी बयान कर रहे हैं और उसी की इबादत में लगे हुए हैं। और पक्षी भी अपने पंख फैलाए हुए (हवा में उड़ते हुए) उसी की तस्बीह करते हैं। यह उनकी स्वाभाविक और सहज इबादत है जो उनकी फ़ितरत में डाल दी गई है।
हर एक मख़लूक़ (प्राणी) ने अपनी नमाज़ और अपनी तस्बीह का तरीक़ा जान लिया है — अल्लाह ने हर एक को उसकी इबादत का ढंग सिखाया है और उसे उस पर मार्गदर्शन दिया है। कोई प्राणी अपनी इबादत से विचलित नहीं होता, बल्कि हर एक अपने-अपने अंदाज़ में अपने रब की तारीफ़ कर रहा है। यह अल्लाह की बेपनाह क़ुदरत और हिकमत की निशानी है कि उसने हर मख़लूक़ को अपनी याद और इबादत की तौफ़ीक़ दी है।
और अल्लाह उस सब कुछ को खूब जानता है जो ये प्राणी करते हैं। उसके इल्म से कोई चीज़ छिपी नहीं है — चाहे वह इबादत हो या कोई और अमल। वह हर एक को उसके अमल के हिसाब से बदला देने वाला है। यह बात हमारे लिए बहुत बड़ी सीख और नसीहत है कि जब पूरा कायनात अपने रब की तस्बीह और इबादत में मशग़ूल है, तो हम इंसानों को भी चाहिए कि हम अपने रब की इबादत में लगे रहें, उसकी तारीफ़ करें और उसकी नाफ़रमानी से बचें। अल्लाह की याद ही वह चीज़ है जो दिलों को सुकून देती है और हमें उसकी रहमत के क़रीब लाती है। जो बंदा अल्लाह की तस्बीह और इबादत में लगा रहता है, अल्लाह उसे दुनिया और आख़िरत में कामयाबी अता करता है।
📜 आयत 39-43 — सूरा अन-नूर
अनुवाद — अन-नूर 41
सूरा अन-नूर आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ शख्स) क्या तूने इतना भी नहीं देखा कि जितनी…सूरा आयत 41/64 — सूरा अन-नूर النور (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नूर सुनें, सूरा अन-नूर अनुवाद, सूरा अन-नूर mp3, सूरा अन-नूर pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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