अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مُلْكُ: स्वामित्व, राज्य, अधिकार।
- السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ: आकाशों (सभी आकाशों) और धरती का।
- الْمَصِيرُ: अंतिम पड़ाव, लौटने की जगह, (सबकी) वापसी।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी और अहम हक़ीक़त की याद दिलाती है — कि यह पूरा ब्रह्मांड, आकाशों की ऊँचाइयों से लेकर धरती की गहराइयों तक, सब कुछ अकेले अल्लाह ही का है। उसी का राज्य है, उसी का अधिकार है, और उसी के हाथ में इस पूरी कायनात की बागडोर है। वही इसका मालिक है, वही इसका प्रबंधक है, और वही जैसे चाहता है, इसे चलाता है। कोई भी चीज़ उसके इशारे के बिना नहीं हिल सकती, न कोई पत्ता उसकी इजाज़त के बिना गिर सकता है।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है: "और अल्लाह ही की ओर (सबका) अंतिम पड़ाव है।" यानी इस दुनिया का सफ़र कभी ख़त्म होगा, और हर इंसान को एक दिन अपने रब के सामने हाज़िर होना है। जो आज इस धरती पर अपनी ज़रा सी ताक़त पर इतराता है, जो अपनी दौलत या ओहदे पर घमंड करता है, उसे याद रखना चाहिए कि यह सब कुछ अस्थायी है। असली मालिक तो अल्लाह है, और उसी की तरफ़ सबको लौटकर जाना है। वहाँ हर अमल का हिसाब होगा, हर नीयत की पड़ताल होगी, और हर इंसान को उसके किए का बदला मिलेगा — अच्छा हो तो अच्छा, और बुरा हो तो बुरा।
यह आयत हमारे दिलों में अल्लाह की अज़मत और उसकी कुदरत का एहसास पैदा करती है। जब हमें यक़ीन हो जाए कि सब कुछ अल्लाह के हाथ में है, तो हमारा दिल किसी और के आगे झुकेगा नहीं, किसी और से डरेगा नहीं, और किसी और से उम्मीद नहीं रखेगा। हमारा भरोसा सिर्फ़ उसी पर होगा। और जब हमें याद हो कि हमें एक दिन उसी की तरफ़ लौटना है, तो हम अपने अमल को संवारेंगे, अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक़ ढालेंगे, और हर काम में यह सोचकर क़दम बढ़ाएँगे कि यह काम अल्लाह को कैसा लगेगा?
यही तो मोमिन की पहचान है — कि वह दुनिया में रहते हुए भी आख़िरत को नहीं भूलता। वह जानता है कि यह ज़िंदगी एक इम्तिहान है, और असली कामयाबी उसी दिन मिलेगी जब वह अपने रब के सामने सर झुकाकर खड़ा होगा और उसे प्यार भरा ख़िताब मिलेगा। अल्लाह हम सबको यह समझने की तौफ़ीक़ दे, और हमारे दिलों को अपनी मुहब्बत और अपने डर से भर दे। आमीन।
📜 आयत 40-44 — अन-नूर
अनुवाद — अन-नूर 42
सूरा अन-नूर आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और सारे आसमान व ज़मीन की सल्तनत ख़ास ख़ुदा ही…सूरा आयत 42/64 — अन-नूर النور (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नूर सुनें, अन-नूर अनुवाद, अन-नूर mp3, अन-नूर pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








