अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَرَجَ: मिलाया, छोड़ा, बहने दिया।
- عَذْبٌ فُرَاتٌ: अत्यंत मीठा और प्यास बुझाने वाला।
- مِلْحٌ أُجَاجٌ: अत्यंत खारा और कड़वा।
- بَرْزَخًا: आड़, रुकावट, सीमा।
- حِجْرًا مَحْجُورًا: सख्त रोक और पक्की सुरक्षा।
तफसीर:
अल्लाह तआला अपनी कुदरत के अज़ीम नमूनों में से एक नमूना बयान कर रहा है। वही वह ज़ात है जिसने दो समुद्रों को आपस में मिलाया और उन्हें एक दूसरे के सामने बहने दिया — एक है मीठा और प्यास बुझाने वाला, दूसरा है खारा और कड़वा। ये दोनों समुद्र एक ही जगह मिलते हैं, लेकिन अल्लाह ने अपनी कुदरत से उनके बीच एक ऐसा पर्दा और मज़बूत रुकावट बना दी है जो उन्हें आपस में मिलने से रोकती है। न मीठा पानी खारे में मिलकर खारा होता है, न खारा पानी मीठे में मिलकर उसे खराब करता है। यह अल्लाह की अपार शक्ति का चमत्कार है कि वह दो विपरीत चीज़ों को एक साथ रखता है, फिर भी उनके बीच एक अदृश्य दीवार क़ायम रहती है।
यह आयत हमें अल्लाह की कुदरत पर ग़ौर करने की दावत देती है। जिस अल्लाह ने समुद्रों के बीच ऐसा अद्भुत बंधन और सीमा बनाई है, वही अल्लाह हमारे जीवन के हर मामले में हिकमत और निज़ाम रखता है। जिस तरह उसने पानी के दो भिन्न प्रकारों को एक साथ रखकर भी अलग रखा है, उसी तरह वह हक़ और बातिल, नेकी और गुनाह के बीच भी फ़र्क़ रखता है और अपने बंदों को सही रास्ता दिखाता है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह की हर मख़लूक़ में एक गहरी हिकमत छिपी है। जब हम समुद्रों के इस निज़ाम को देखते हैं, तो हमारा ईमान और मज़बूत होता है कि यह कारख़ाना अपने आप नहीं बना, बल्कि एक क़ादिर-ए-मुतलक़ (सर्वशक्तिमान) ने इसे बनाया है। यही अल्लाह उस दिन भी हमें ज़िंदा करेगा और हमारे अच्छे-बुरे आमाल का हिसाब लेगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह की नेअमतों पर शुक्र करें, उसकी कुदरत पर ग़ौर करें और अपनी ज़िंदगी को उसके हुक्मों के मुताबिक़ ढालें। यही कामयाबी की राह है और यही अल्लाह की रहमत का तक़ाज़ा है।
📜 आयत 51-55 — अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 53
सूरा अल-फुरकान आयत 53 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वही तो वह (ख़ुदा) है जिसने दरयाओं को आपस…सूरा आयत 53/77 — अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फुरकान सुनें, अल-फुरकान अनुवाद, अल-फुरकान mp3, अल-फुरकान pdf. आयत 51–55. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








