Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مِنَ الْمَاءِ: यहाँ "पानी" से अभिप्राय नर और मादा का वीर्य (मनी) है।
- نَسَبًا: वह रिश्तेदारी जो पुरुषों (बाप, बेटे, भाई आदि) के माध्यम से होती है, जिससे व्यक्ति अपने पूर्वजों से जुड़ता है।
- صِهْرًا: वह रिश्तेदारी जो विवाह के माध्यम से होती है, जैसे ससुर, साला, दामाद आदि।
- قَدِيرًا: हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत अल्लाह तआला की उस महान शक्ति और रचना-कौशल की ओर संकेत करती है जो मनुष्य के अस्तित्व में प्रकट है। अल्लाह ही वह है जिसने एक तुच्छ बूंद (वीर्य) से इंसान को पैदा किया। यह वीर्य नर और मादा के मिलन से बनता है, और उसी से अल्लाह ने पुरुषों और स्त्रियों की संतान उत्पन्न की।
फिर उसी मनुष्य-सृष्टि से अल्लाह ने दो प्रकार के रिश्ते बनाए:
- नसब (खून का रिश्ता): जो पिता, पुत्र, भाई, चाचा आदि के माध्यम से होता है — यह जन्म से स्थापित होता है।
- सुसराल (विवाह का रिश्ता): जो शादी के बंधन से बनता है — जैसे पति-पत्नी, ससुर, सास, दामाद, साला आदि।
यह अत्यंत आश्चर्यजनक है कि एक ही मूल (वीर्य) से अल्लाह ने इतने विविध और जटिल रिश्तों का जाल बिछा दिया, जो पूरे समाज को आपस में जोड़ता है। यह रिश्ते इंसानी जीवन के लिए रहमत हैं — इन्हीं से परिवार बनते हैं, समाज बनता है, और एक-दूसरे के प्रति प्रेम, करुणा और सहयोग की भावना पैदा होती है।
फिर अल्लाह फरमाता है: "और तेरा रब हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखने वाला है।" यहाँ "था" का शब्द केवल भूतकाल के लिए नहीं है, बल्कि यह अल्लाह की स्थायी और हमेशा रहने वाली शक्ति को दर्शाता है — वह हर समय, हर पल, हर चीज़ पर क़ादिर (सामर्थ्यवान) है। उसकी शक्ति कभी घटती नहीं, और न ही उसे किसी चीज़ के लिए कठिनाई होती है।
दावती पहलू (प्रेरक संदेश):
इस आयत पर ग़ौर करने से इंसान के दिल में अल्लाह की अज़मत (महानता) और उसकी क़ुदरत (शक्ति) का अद्भुत नज़ारा पैदा होता है। जिसने एक बूंद से इतना खूबसूरत और जटिल इंसान बनाया, उसी ने रिश्तों की डोर भी बुनी — ताकि हम एक-दूसरे से जुड़ें, एक-दूसरे का सहारा बनें।
क्या यह सोचने की बात नहीं कि जो अल्लाह इतने बारीकी से हमारी पैदाइश का इंतज़ाम करता है, वही हमारी ज़िंदगी के हर मामले का इंतज़ाम भी कर सकता है? जब हम अपने माता-पिता, भाई-बहन, और सुसराल वालों के रिश्तों को देखते हैं, तो हमें अल्लाह की रहमत का एहसास होता है। ये रिश्ते ही तो हैं जो हमें मुश्किल वक्त में सहारा देते हैं, खुशी में शरीक होते हैं, और ज़िंदगी को आबाद रखते हैं।
इसलिए, इस आयत से हमें सबक लेना चाहिए कि अल्लाह की क़ुदरत पर भरोसा रखें, उसके दिए रिश्तों की क़द्र करें, और उसकी नेमतों का शुक्र अदा करें। जो अल्लाह एक बूंद से इंसान बना सकता है, वह हर मुश्किल को आसान कर सकता है — बस ज़रूरत है उस पर यक़ीन और भरोसे की।
📜 आयत 52-56 — सूरा अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 54
सूरा अल-फुरकान आयत 54 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वही तो वह (ख़ुदा) है जिसने पानी (मनी) से…सूरा आयत 54/77 — सूरा अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फुरकान सुनें, सूरा अल-फुरकान अनुवाद, सूरा अल-फुरकान mp3, सूरा अल-फुरकान pdf. आयत 52–56. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-फुरकान
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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