अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- آيَاتِ اللهِ: अल्लाह की निशानियाँ और प्रमाण, जो उसकी एकता और शक्ति पर दलील देती हैं।
- لِقَائِهِ: अल्लाह से मुलाक़ात का अर्थ है क़ियामत के दिन उठाया जाना और उसके सामने हाज़िर होना।
- يَئِسُوا: निराश हो जाना, उम्मीद छोड़ देना।
- عَذَابٌ أَلِيمٌ: दर्दनाक और तकलीफ़देह अज़ाब।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के हाल का वर्णन करती है जो अल्लाह की आयतों (निशानियों) को झुठलाते हैं और उससे मुलाक़ात (आख़िरत में हाज़िर होने) का इनकार करते हैं। ऐसे लोगों के बारे में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उन्होंने उसकी रहमत से निराश होकर उम्मीद तोड़ दी है। यानी जब वे क़ियामत के दिन अपने किए का अंजाम देखेंगे और समझ जाएँगे कि उनके लिए क्या तैयार किया गया है, तो वे अल्लाह की रहमत से पूरी तरह मायूस हो जाएँगे। उनके कुफ़्र की वजह से उनके लिए जन्नत का दरवाज़ा हमेशा के लिए बंद हो जाएगा, और उनका अंजाम एक दर्दनाक अज़ाब होगा जो उन्हें आख़िरत में मिलेगा।
यह आयत मक्का के काफ़िरों को ख़ास तौर पर ख़ताब करती है, जो हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की कहानी के बीच में उन्हें चेतावनी देने के लिए आई है। अल्लाह तआला उन्हें याद दिलाता है कि जिस तरह इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को तौहीद की दावत दी और उन्हें आख़िरत से डराया, उसी तरह आख़िरी नबी ﷺ भी उन्हें वही पैग़ाम दे रहे हैं।
इस आयत में हमारे लिए बहुत बड़ी नसीहत है। अल्लाह की रहमत असीम है, लेकिन वह उन लोगों के लिए है जो उसकी आयतों पर ईमान लाएँ, उसकी इबादत करें और आख़िरत के दिन पर यक़ीन रखें। जो लोग इन हक़ीक़तों से मुँह मोड़ते हैं, वे खुद को अल्लाह की रहमत से महरूम कर लेते हैं। यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपने रब की निशानियों पर ग़ौर करें, उसकी किताब पर ईमान लाएँ और क़ियामत के दिन की तैयारी करें, ताकि हम उस दर्दनाक अज़ाब से बच सकें और अपने रब की रहमत के हक़दार बन सकें। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है और जो लोग उसकी तरफ़ रुजू करते हैं, उनके लिए उसकी रहमत के दरवाज़े हमेशा खुले हैं।
📜 आयत 21-25 — अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 23
सूरा अल-अंकबूत आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिन लोगों ने ख़ुदा की आयतों और (क़यामत के…सूरा आयत 23/69 — अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंकबूत सुनें, अल-अंकबूत अनुवाद, अल-अंकबूत mp3, अल-अंकबूत pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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