अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بِمُعْجِزِينَ (मुआज्जिज़ीन): अल्लाह को विवश करने वाले, उसकी पकड़ से बच निकलने वाले, या उसे असमर्थ बनाने वाले।
- وَلِيّ (वली): संरक्षक, मददगार, जो आपके कामों को संभालने वाला हो।
- نَصِير (नसीर): सहायक, जो आपकी मदद करे और आपको बचाए।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! तुम अल्लाह को हरा नहीं सकते, न धरती में भागकर उसकी पकड़ से बच सकते हो और न आसमान में जाकर। अगर तुम उसकी अवज्ञा करोगे, तो वह तुम्हें कहीं भी नहीं छोड़ेगा। चाहे तुम धरती की गहराइयों में छिप जाओ या आसमान की बुलंदियों पर चढ़ जाओ, अल्लाह की क़ुदरत और उसके इल्म से बाहर निकलना नामुमकिन है। वह हर जगह मौजूद है, हर चीज़ पर क़ाबू रखता है, और उसकी पकड़ से कोई फरार नहीं हो सकता।
और अल्लाह के सिवा तुम्हारा कोई वली (संरक्षक) नहीं जो तुम्हारे मामलों को संभाले, और न कोई नसीर (सहायक) है जो तुम्हें उसके अज़ाब से बचा सके। अगर अल्लाह तुम्हें कोई तकलीफ़ देना चाहे या तुम्हें सज़ा देना चाहे, तो कोई नहीं है जो उसके आगे खड़ा हो सके या उसके फैसले को टाल सके। वली और नसीर में फर्क यह है कि वली तो वह होता है जो आपके पूरे मामलों की देखभाल करे, और नसीर वह होता है जो मुसीबत के वक्त आपकी मदद के लिए आए — और ये दोनों सिफ़तें सिर्फ अल्लाह ही की हैं, उसके सिवा किसी में नहीं पाई जातीं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह की अज़मत और उसकी ताकत का एहसास कराती है। जब हमें यक़ीन हो जाए कि हमारा रब हर चीज़ पर क़ादिर है, हम उससे कहीं नहीं भाग सकते, और उसी की पनाह में ही हमारी भलाई है — तो हमारा दिल उसी की तरफ मुड़ जाता है। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह ही हमारा असली वली और नसीर है। जब हम उसकी राह पर चलते हैं, तो वह हमारी हिफाज़त करता है, हमारी मदद करता है और हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी के हर मामले में अल्लाह पर भरोसा करें, उसकी इबादत करें और उसकी राह पर चलें — क्योंकि उसी के हाथ में हमारी कामयाबी है, और उसी की पनाह में ही असली सुकून है।
📜 आयत 20-24 — अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 22
सूरा अल-अंकबूत आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और न तो तुम ज़मीन ही में ख़ुदा को ज़ेर…सूरा आयत 22/69 — अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंकबूत सुनें, अल-अंकबूत अनुवाद, अल-अंकबूत mp3, अल-अंकबूत pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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