Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الرُّعْبَ: अत्यधिक भय और दहशत।
- سُلْطَانًا: प्रमाण, तर्क या कोई ठोस दलील।
- مَأْوَاهُمُ: उनका ठिकाना और आश्रय स्थल।
- مَثْوَى: रहने की जगह, निवास स्थान।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ और मोमिनीन को खुशखबरी दे रहा है कि हम कुफ्फार के दिलों में ऐसी दहशत और खौफ डाल देंगे जिससे उनके हौसले पस्त हो जाएंगे और वे तुम्हारे मुकाबले में कभी कामयाब नहीं हो सकेंगे। यह खौफ उन्हें इसलिए होगा क्योंकि उन्होंने अल्लाह के साथ ऐसे माबूदों को शरीक किया जिनकी कोई हकीकत नहीं, न उनके पास कोई दलील है और न ही कोई सबूत। उन्होंने महज अपनी ख्वाहिशों और अंधी परंपराओं की पैरवी करते हुए झूठे माबूदों की पूजा शुरू कर दी।
यही वजह है कि उनकी दुनिया में रुसवाई और ज़िल्लत है, दिलों में रोब और खौफ है, और आखिरत में उनका ठिकाना जहन्नुम की आग है। यह उनके जुल्म और सरकशी की सजा है। अल्लाह तआला फरमाता है कि जालिमों का यह ठिकाना कितना बुरा है!
दावत और नसीहत:
इस आयत में मोमिनीन के लिए बड़ी तसल्ली और हिम्मत का सामान है। अल्लाह तआला अपने बंदों से वादा करता है कि जो लोग सिर्फ अल्लाह पर भरोसा रखते हैं और उसकी इबादत में खालिस नियत रखते हैं, उनके दुश्मन चाहे कितने भी ताकतवर क्यों न हों, अल्लाह उनके दिलों में खौफ डालकर उन्हें बेबस कर देता है। यह अल्लाह की कुदरत है कि वह बगैर किसी जंग के भी दुश्मनों को पस्त कर देता है।
इससे हमें सबक लेना चाहिए कि कभी भी अल्लाह के साथ किसी को शरीक न करें, न अपने अंदर गुमान और बड़ाई का जज्बा पालें, क्योंकि शिर्क और जुल्म ही वह चीजें हैं जो इंसान को अल्लाह की रहमत से महरूम कर देती हैं। जो लोग अल्लाह की इबादत में सच्चे हों, उनके दिलों में अल्लाह सुकून और इत्मिनान डालता है, और उनके दुश्मनों के दिलों में रोब और दहशत। यह अल्लाह का कायदा है जो कभी नहीं बदलता।
हमें चाहिए कि अपने दिलों को शिर्क, रिया और तकब्बुर से पाक रखें, क्योंकि यही वे चीजें हैं जो इंसान को जहन्नम की तरफ ले जाती हैं। और अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें सीधी राह पर चलाए और हमारे दिलों को ईमान की मिठास से भर दे।
📜 आयत 149-153 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 151
सूरा आल-इमरान आयत 151 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (तुम घबराओ नहीं) हम अनक़रीब तुम्हारा रोब काफ़िरों के दिलों…सूरा आयत 151/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 149–153. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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