आल-इमरान · 150/200
अनुवाद उच्चारण — आल-इमरान
بَلِ اللَّهُ مَوْلَاكُمْ ۖ وَهُوَ خَيْرُ النَّاصِرِينَ ۝١٥٠
Balil laahu mawlaakum wa Huwa khairun naasireen
📖 हिंदी अर्थ
(तुम किसी की मदद के मोहताज नहीं) बल्कि ख़ुदा तुम्हारा सरपरस्त है और वह सब मददगारों से बेहतर है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مَوْلَاكُمْ: तुम्हारा संरक्षक, सहायक और मित्र।
  • خَيْرُ النَّاصِرِينَ: सबसे उत्तम सहायता करने वाला।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में मुसलमानों को स्पष्ट रूप से बता रहा है कि जो काफ़िर लोग तुम्हें धमकी दे रहे हैं या तुम्हें डरा रहे हैं, वे तुम्हारा कोई भला नहीं कर सकते। यदि तुम उनकी बात मान लोगे या उनसे सहायता माँगोगे, तो वे तुम्हें कभी सच्ची मदद नहीं देंगे। बल्कि सच्चाई यह है कि अल्लाह ही तुम्हारा असली संरक्षक और सहायक है। वही तुम्हारी रक्षा करता है, तुम्हें शत्रुओं से बचाता है और तुम्हारे दीन (धर्म) की हिफ़ाज़त करता है। वह सबसे अच्छा सहायक है—उसकी सहायता के आगे किसी और की सहायता की कोई आवश्यकता नहीं। इसलिए तुम्हें केवल उसी पर भरोसा करना चाहिए, उसी से मदद माँगनी चाहिए और उसी की आज्ञा का पालन करना चाहिए। जब अल्लाह तुम्हारा संरक्षक है, तो तुम्हें किसी और की ओर देखने की ज़रूरत नहीं।

फ़ायदे (उपदेश):

  1. मोमिन की पहचान यह है कि वह कठिन से कठिन परिस्थिति में भी अल्लाह पर ही भरोसा रखता है, क्योंकि अल्लाह ही सबसे अच्छा सहायक है।
  2. यह आयत मुसलमानों को आत्म-सम्मान और आत्म-निर्भरता सिखाती है—हमें काफ़िरों या किसी और से मदद की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए, बल्कि अपने रब से जुड़े रहना चाहिए।
  3. अल्लाह की सहायता सबसे श्रेष्ठ है; जब वह साथ हो, तो दुनिया की सारी ताकतें भी मिलकर हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकतीं। यह विश्वास मुसलमान के दिल में साहस और स्थिरता पैदा करता है।
  4. यह आयत हमें सिखाती है कि हर काम में अल्लाह से मदद माँगनी चाहिए और उसी की राह पर चलना चाहिए, क्योंकि वही हमारा असली संरक्षक है।


📜 आयत 148-152 — आल-इमरान

148فَآتَاهُمُ اللَّهُ ثَوَابَ الدُّنْيَا وَحُسْنَ ثَوَابِ الْآخِرَةِ ۗ وَاللَّهُ يُحِبُّ الْمُحْسِنِينَ
तो ख़ुदा ने उनको दुनिया में बदला (दिया) और आख़िरत में अच्छा बदला ईनायत फ़रमाया और ख़ुदा नेकी करने वालों को दोस्त रखता (ही) है
149يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا إِن تُطِيعُوا الَّذِينَ كَفَرُوا يَرُدُّوكُمْ عَلَىٰ أَعْقَابِكُمْ فَتَنقَلِبُوا خَاسِرِينَ
ऐ ईमानदारों अगर तुम लोगों ने काफ़िरों की पैरवी कर ली तो (याद रखो) वह तुमको उलटे पॉव (कुफ़्र की तरफ़) फेर कर ले जाऐंगे फिर उलटे तुम ही घाटे में आ जाओगे
150بَلِ اللَّهُ مَوْلَاكُمْ ۖ وَهُوَ خَيْرُ النَّاصِرِينَ
(तुम किसी की मदद के मोहताज नहीं) बल्कि ख़ुदा तुम्हारा सरपरस्त है और वह सब मददगारों से बेहतर है
151سَنُلْقِي فِي قُلُوبِ الَّذِينَ كَفَرُوا الرُّعْبَ بِمَا أَشْرَكُوا بِاللَّهِ مَا لَمْ يُنَزِّلْ بِهِ سُلْطَانًا ۖ وَمَأْوَاهُمُ النَّارُ ۚ وَبِئْسَ مَثْوَى الظَّالِمِينَ
(तुम घबराओ नहीं) हम अनक़रीब तुम्हारा रोब काफ़िरों के दिलों में जमा देंगे इसलिए कि उन लोगों ने ख़ुदा का शरीक बनाया (भी तो) इस चीज़ बुत को जिसे ख़ुदा ने किसी क़िस्म की हुकूमत नहीं दी और (आख़िरकार) उनका ठिकाना दौज़ख़ है और ज़ालिमों का (भी क्या) बुरा ठिकाना है
152وَلَقَدْ صَدَقَكُمُ اللَّهُ وَعْدَهُ إِذْ تَحُسُّونَهُم بِإِذْنِهِ ۖ حَتَّىٰ إِذَا فَشِلْتُمْ وَتَنَازَعْتُمْ فِي الْأَمْرِ وَعَصَيْتُم مِّن بَعْدِ مَا أَرَاكُم مَّا تُحِبُّونَ ۚ مِنكُم مَّن يُرِيدُ الدُّنْيَا وَمِنكُم مَّن يُرِيدُ الْآخِرَةَ ۚ ثُمَّ صَرَفَكُمْ عَنْهُمْ لِيَبْتَلِيَكُمْ ۖ وَلَقَدْ عَفَا عَنكُمْ ۗ وَاللَّهُ ذُو فَضْلٍ عَلَى الْمُؤْمِنِينَ
बेशक खुदा ने (जंगे औहद में भी) अपना (फतेह का) वायदा सच्चा कर दिखाया था जब तुम उसके हुक्म से (पहले ही हमले में) उन (कुफ्फ़ार) को खूब क़त्ल कर रहे थे यहॉ तक की तुम्हारे पसन्द की चीज़ (फ़तेह) तुम्हें दिखा दी उसके बाद भी तुमने (माले ग़नीमत देखकर) बुज़दिलापन किया और हुक्में रसूल (मोर्चे पर जमे रहने) झगड़ा किया और रसूल की नाफ़रमानी की तुममें से कुछ तो तालिबे दुनिया हैं (कि माले ग़नीमत की तरफ़) से झुक पड़े और कुछ तालिबे आख़िरत (कि रसूल पर अपनी जान फ़िदा कर दी) फिर (बुज़दिलेपन ने) तुम्हें उन (कुफ्फ़ार) की की तरफ से फेर दिया (और तुम भाग खड़े हुए) उससे ख़ुदा को तुम्हारा (ईमान अख़लासी) आज़माना मंज़ूर था और (उसपर भी) ख़ुदा ने तुमसे दरगुज़र की और खुदा मोमिनीन पर बड़ा फ़ज़ल करने वाला है
आल-इमरानकुरान सूची
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मदनीRevelation
150आयत

अनुवाद — आल-इमरान 150

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सूरा आयत 150/200 — आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: आल-इमरान सुनें, आल-इमरान अनुवाद, आल-इमरान mp3, आल-इमरान pdf. आयत 148–152. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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