अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- ظَاهِرًا: बाहरी पहलू, दिखावटी ज्ञान
- الْحَيَاةِ الدُّنْيَا: सांसारिक जीवन
- غَافِلُونَ: बेखबर, लापरवाह, ध्यान न देने वाले
तफसीर:
यह आयत उन लोगों की स्थिति का वर्णन करती है जो केवल इस दुनिया के बाहरी और सतही पहलुओं को जानते हैं। वे जीवन के उस हिस्से से वाकिफ हैं जो आँखों से दिखता है — धन कमाना, मकान बनाना, व्यापार करना, खान-पान, वस्त्र और अन्य सांसारिक सुख-साधन। वे इन्हीं चीज़ों में उलझकर रह गए हैं और इन्हीं को अपनी सफलता और असफलता का पैमाना बना लिया है।
लेकिन अफसोस! वे उस आख़िरत (परलोक) से पूरी तरह बेखबर हैं, जो वास्तविक और स्थायी जीवन है। वे इस बात पर कभी विचार नहीं करते कि यह दुनिया तो केवल एक अस्थायी ठिकाना है, एक परीक्षा का मैदान है। असली जीवन तो आने वाला है — वह जीवन जो कभी खत्म नहीं होगा। वे मृत्यु के बाद के जीवन, हिसाब-किताब, जन्नत और जहन्नम की सच्चाई से इस कदर गाफिल हैं जैसे उन्हें इस पर विश्वास ही न हो।
यह आयत हमें सिखाती है कि एक समझदार इंसान वह है जो दुनिया और आख़िरत दोनों का ध्यान रखे। दुनिया की चीज़ें ज़रूरी हैं, लेकिन उन्हें ही सब कुछ समझ लेना और आख़िरत को भूल जाना — यही सबसे बड़ी नासमझी है। अल्लाह तआला ने हमें आँखें दीं ताकि हम उसकी निशानियों को देखें, दिमाग दिया ताकि हम सोचें, और दिल दिया ताकि हम सच्चाई को समझें। जो इन नेमतों का सही इस्तेमाल करता है, वह इस दुनिया में रहते हुए भी आख़िरत की तैयारी करता है।
प्यारे भाइयों और बहनों! हमें चाहिए कि हम अपने जीवन में संतुलन बनाए रखें। दुनिया की कमाई करें, लेकिन साथ ही अपनी आख़िरत को भी संवारें। नमाज़, ज़कात, अच्छे आचरण और अल्लाह की याद — यही वे चीज़ें हैं जो हमें उस स्थायी जीवन में काम आएंगी। याद रखिए, यह दुनिया एक खेल और मनोरंजन है, और आख़िरत का घर ही सच्ची ज़िंदगी है। काश! हम सब इस सच्चाई को समझ लें और अपनी ज़िंदगी को इसी हिसाब से ढाल लें।
📜 आयत 5-9 — अर-रूम
अनुवाद — अर-रूम 7
सूरा अर-रूम आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये लोग बस दुनियावी ज़िन्दगी की ज़ाहिरी हालत को जानते…सूरा आयत 7/60 — अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-रूम सुनें, अर-रूम अनुवाद, अर-रूम mp3, अर-रूम pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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