अनुवाद — Tafsir
ये वो आयतें हैं जो अल्लाह तआला ने अपने नबी ﷺ पर नाज़िल की हैं। ये किताबे हकीम (क़ुरआन) की आयतें हैं।
शब्दों के अर्थ:
- تِلْكَ (तिल्क) — ये (इशारा उन आयतों की तरफ है जो आगे आने वाली हैं या जो पहले गुज़र चुकी हैं)
- آيَاتُ (आयातु) — निशानियाँ, आयतें, पवित्र कलाम के हिस्से
- الْكِتَابِ (अल-किताब) — किताब, यानी क़ुरआन
- الْحَكِيمِ (अल-हकीम) — हिकमत वाली, यानी जो हर बात में हिकमत और भलाई रखती है
तफ़सीर:
ये आयतें उस किताब की हैं जो हिकमत से भरी हुई है। यानी क़ुरआन करीम की ये आयतें अपने अंदर बेहद हिकमत और दानिशमंदी रखती हैं। ये कोई आम किताब नहीं है, बल्कि ये अल्लाह की तरफ से नाज़िल की गई ऐसी किताब है जिसकी हर बात हिकमत पर मबनी है।
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमा रहे हैं कि ये आयतें उस किताब की हैं जो हिकमत वाली है। यानी क़ुरआन की हर आयत, हर हुक्म, हर क़िस्सा, हर नसीहत — सब कुछ हिकमत से भरा हुआ है। इसमें कोई बात बे-मक़सद नहीं है, कोई हुक्म बे-वजह नहीं है। हर चीज़ अपनी जगह पर मुनासिब है और इंसान की भलाई के लिए है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! ज़रा सोचिए — ये किताब जो हमारे सामने है, ये कोई आम किताब नहीं है। ये अल्लाह की तरफ से आई हुई ऐसी किताब है जो हिकमत से भरी है। जब हम इस किताब को पढ़ते हैं, तो हमें अपनी ज़िंदगी के हर मसले का हल मिलता है। ये किताब हमें सही रास्ता दिखाती है, हमें बुराइयों से बचाती है, और हमें जन्नत की तरफ ले जाती है।
क्या हमें इस किताब से मुहब्बत नहीं करनी चाहिए? क्या हमें इसे पढ़ना और समझना नहीं चाहिए? ये किताब हमारी कामयाबी की कुंजी है। जो इसे पकड़ लेगा, वह कभी गुमराह नहीं होगा। अल्लाह तआला ने इस किताब को हिकमत वाला बनाया है ताकि हम इससे रहनुमाई हासिल करें और अपनी ज़िंदगी को खुशहाल बनाएं।
आओ, हम सब इस किताब को पढ़ने, समझने और उस पर अमल करने का अज़्म करें। यही हमारी दुनिया और आख़िरत की कामयाबी है।
📜 आयत 1-4 — लुकमान
अनुवाद — लुकमान 2
सूरा लुकमान आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये सूरा हिकमत से भरी हुई किताब की आयतें हैसूरा आयत 2/34 — लुकमान لقمان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: लुकमान सुनें, लुकमान अनुवाद, लुकमान mp3, लुकमान pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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