लुकमान · 3/34
अनुवाद उच्चारण — सूरा लुकमान
هُدًى وَرَحْمَةً لِّلْمُحْسِنِينَ ۝٣
Hudanw wa rahmatal lilmuhsineen
📖 हिंदी अर्थ
जो (अज़सरतापा) उन लोगों के लिए हिदायत व रहमत है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • هُدًى: मार्गदर्शन, सीधा रास्ता दिखाना
  • رَحْمَةً: दया, करुणा, रहमत
  • لِلْمُحْسِنِينَ: उन लोगों के लिए जो अच्छा काम करते हैं, नेकी करने वाले

तफ़सीर (व्याख्या):

ये आयतें उन लोगों के लिए मार्गदर्शन और दया हैं जो अच्छे काम करते हैं। यानी यह क़ुरआन उन्हीं लोगों के लिए हिदायत और रहमत का ज़रिया बनता है जो अपने अंदर अच्छाई का जज़्बा रखते हैं और उसे अमल में लाते हैं।

अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह किताब (क़ुरआन) उन लोगों के लिए रोशनी और रहमत है जो:

  • अपने रब के हुक्मों को मानते हैं
  • अपने अल्लाह के साथ किए गए वादे को निभाते हैं
  • अपने रब के हक़ और उसके बंदों के हक़ दोनों को अदा करते हैं
  • नेकी और भलाई के कामों में जुटे रहते हैं

यानी क़ुरआन की हिदायत का फ़ायदा उन्हीं को मिलता है जो उसे पढ़ते हैं, समझते हैं और उस पर अमल करते हैं। जो लोग अच्छे काम करते हैं, अल्लाह उन्हें सीधा रास्ता दिखाता है और उन पर अपनी ख़ास रहमत नाज़िल करता है।

दावती पहलू:

प्यारे भाइयों और बहनों! देखिए अल्लाह तआला ने कितनी प्यारी बात कही है। वह कहता है कि यह क़ुरआन हिदायत और रहमत है, लेकिन यह हिदायत और रहमत हर किसी को नहीं मिलती, बल्कि सिर्फ उन्हीं को मिलती है जो मुहसिन हैं, यानी अच्छे काम करने वाले हैं।

अगर हम चाहते हैं कि क़ुरआन हमारे दिलों में उतरे, हमारी ज़िंदगी बदल दे, हमें सही रास्ता दिखाए और हम पर अल्लाह की रहमत नाज़िल हो, तो हमें अच्छे काम करने वाले बनना होगा। अच्छे काम का मतलब सिर्फ नमाज़ और रोज़ा नहीं है, बल्कि अच्छा काम यह है कि हम अल्लाह के हुक्मों को मानें, उसके रास्ते पर चलें, लोगों के साथ भलाई करें, सच बोलें, ईमानदार बनें, मदद करें, और हर काम में अल्लाह की रज़ा को सामने रखें।

जब हम ऐसा करेंगे, तो क़ुरआन हमारे लिए रोशनी बनेगा, हमारे दिलों को सुकून देगा, और अल्लाह की रहमत हमारे साथ होगी। यही असली कामयाबी है। अल्लाह तआला हम सबको मुहसिन बनाए और क़ुरआन को हमारे लिए हिदायत और रहमत का ज़रिया बनाए। आमीन।



📜 आयत 1-5 — सूरा लुकमान

1الم
अलिफ़ लाम मीम
2تِلْكَ آيَاتُ الْكِتَابِ الْحَكِيمِ
ये सूरा हिकमत से भरी हुई किताब की आयतें है
3هُدًى وَرَحْمَةً لِّلْمُحْسِنِينَ
जो (अज़सरतापा) उन लोगों के लिए हिदायत व रहमत है
4الَّذِينَ يُقِيمُونَ الصَّلَاةَ وَيُؤْتُونَ الزَّكَاةَ وَهُم بِالْآخِرَةِ هُمْ يُوقِنُونَ
जो पाबन्दी से नमाज़ अदा करते हैं और ज़कात देते हैं और वही लोग आख़िरत का भी यक़ीन रखते हैं
5أُولَٰئِكَ عَلَىٰ هُدًى مِّن رَّبِّهِمْ ۖ وَأُولَٰئِكَ هُمُ الْمُفْلِحُونَ
यही लोग अपने परवरदिगार की हिदायत पर आमिल हैं और यही लोग (क़यामत में) अपनी दिली मुरादें पाएँगे
लुकमानकुरान सूची
34आयत
मक्कीअवतरण स्थान
3आयत

अनुवाद — लुकमान 3

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सूरा आयत 3/34 — सूरा लुकमान لقمان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा लुकमान सुनें, सूरा लुकमान अनुवाद, सूरा लुकमान mp3, सूरा लुकमान pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.





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Wednesday, September 30, 2026

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