अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- سَوَّيْتُهُ – मैंने उसे पूर्ण बना दिया, उसके अंगों को सही-सलामत और संतुलित कर दिया।
- نَفَخْتُ فِيهِ مِن رُّوحِي – मैंने उसमें अपनी ओर से रूह (आत्मा) फूँक दी, यानी उसे जीवन प्रदान कर दिया।
- فَقَعُوا لَهُ سَاجِدِينَ – तुम सब उसके सामने सजदे में गिर पड़ो।
तफसीर:
अल्लाह तआला ने अपने नबी ﷺ को हुक्म दिया कि वे लोगों को वह वक़्त याद दिलाएँ जब अल्लाह ने फ़रिश्तों से कहा: “मैं एक इंसान को मिट्टी से पैदा करने वाला हूँ। जब मैं उसकी सूरत पूरी कर दूँ, उसके जिस्म को अच्छी तरह सँवार दूँ, और उसमें अपनी रूह फूँक दूँ, यानी उसे ज़िंदगी अता कर दूँ, तो तुम सब उसके आगे सजदे में झुक जाना।”
यह सजदा इबादत का नहीं था, बल्कि आदर और सम्मान का सजदा था। इस्लाम में सिर्फ़ अल्लाह ही की इबादत की जाती है, और किसी को सजदा करना जायज़ नहीं। यह आदेश आज़माइश के तौर पर था, ताकि फ़रिश्तों की फ़रमाँबरदारी और इब्लीस की नाफ़रमानी ज़ाहिर हो। यह आयत इंसान की अज़मत और शरफ़ को बयान करती है कि अल्लाह ने उसे कितनी बुलंदी अता की, और साथ ही हमें सिखाती है कि अल्लाह के हुक्म के आगे फ़ौरन सर झुकाना चाहिए।
इस आयत से हमें सबक़ मिलता है कि अल्लाह की हर मख़लूक़ में हिकमत है, और इंसान को चाहिए कि वह अपनी इस अज़ीम मर्तबे को पहचाने और अपने रब की इबादत और फ़रमाँबरदारी में अपनी ज़िंदगी गुज़ारे। अल्लाह ने इंसान को अशरफ़ुल मख़लूक़ात बनाया, इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी को उसी लायक़ बनाना चाहिए जो अल्लाह को पसंद हो। याद रखें, सजदा सिर्फ़ अल्लाह को करना है, और यही सबसे बड़ी इबादत है जो इंसान को अल्लाह के करीब लाती है।
📜 आयत 70-74 — साद
अनुवाद — साद 72
सूरा साद आयत 72 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जब मैं उसको दुरूस्त कर लूँ और इसमें अपनी…सूरा आयत 72/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 70–74. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








