साद · 73/88
अनुवाद उच्चारण — साद
فَسَجَدَ الْمَلَائِكَةُ كُلُّهُمْ أَجْمَعُونَ ۝٧٣
Fasajadal malaaa`ikatu kulluhum ajma`oon
📖 हिंदी अर्थ
तो सब के सब कुल फरिश्तों ने सजदा किया

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَسَجَدَ: सजदा किया, झुककर आदर प्रकट किया।
  • الْمَلَائِكَةُ: फ़रिश्ते (अल्लाह के नूरानी बंदे)।
  • كُلُّهُمْ أَجْمَعُونَ: उनमें से सभी, बिना किसी अपवाद के, एक साथ।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब अल्लाह तआला ने आदम (अलैहिस्सलाम) को पैदा करके उन्हें अपनी रूह फूँकी और उन्हें इज़्ज़त और बुज़ुर्गी अता की, तो उसने सभी फ़रिश्तों को हुक्म दिया कि वे आदम को सजदा करें — यह सजदा इबादत का नहीं था, बल्कि आदर और सम्मान का सजदा था, जो अल्लाह के हुक्म की तामील में किया गया। फ़रिश्ते, जो हमेशा अल्लाह के हुक्म के पाबंद और उसकी इबादत में मशगूल रहते हैं, उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के, पूरे इख़्लास और इताअत के साथ, सभी ने एक साथ सजदा किया। उनमें से कोई भी पीछे नहीं रहा, न किसी ने कोई एतराज़ किया, बल्कि सभी ने अल्लाह के हुक्म को क़ुबूल किया और आदम (अलैहिस्सलाम) की ताज़ीम की। यह फ़रिश्तों की फ़रमाँबरदारी और उनके ईमान की दलील है कि वे अल्लाह के हर हुक्म को बिना किसी सवाल के मानते हैं। लेकिन इसी आज्ञा में इब्लीस (शैतान) ने सजदा नहीं किया — उसने अपने आपको बड़ा समझा, घमंड और अकड़ से काम लिया, और अल्लाह के हुक्म की खिलाफ़ज़ी की। यही उसका पतन और अल्लाह की रहमत से दूर होने का कारण बना।

दावती पहलू (नसीहत):

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह के हुक्म के आगे सर झुकाना ही सच्ची इज़्ज़त है। फ़रिश्तों ने जिस तरह बिना किसी शर्त के अल्लाह का हुक्म माना, हमें भी चाहिए कि अल्लाह और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के हुक्मों को बिना किसी एतराज़ के क़ुबूल करें। घमंड और अकड़ इंसान को अल्लाह की रहमत से महरूम कर देती है, जैसे इब्लीस को महरूम कर दिया। हमें चाहिए कि अपने अंदर से ग़ुरूर और तकब्बुर को निकालकर अल्लाह के सामने झुकें, क्योंकि सजदा ही वह मुक़ाम है जहाँ बंदा अल्लाह के सबसे क़रीब होता है। याद रखिए, अल्लाह की इताअत में ही हमारी कामयाबी और सरबुलंदी है — आख़िरत में भी और दुनिया में भी।



📜 आयत 71-75 — साद

71إِذْ قَالَ رَبُّكَ لِلْمَلَائِكَةِ إِنِّي خَالِقٌ بَشَرًا مِّن طِينٍ
(वह बहस ये थी कि) जब तुम्हारे परवरदिगार ने फरिश्तों से कहा कि मैं गीली मिट्टी से एक आदमी बनाने वाला हूँ
72فَإِذَا سَوَّيْتُهُ وَنَفَخْتُ فِيهِ مِن رُّوحِي فَقَعُوا لَهُ سَاجِدِينَ
तो जब मैं उसको दुरूस्त कर लूँ और इसमें अपनी (पैदा) की हुई रूह फूँक दो तो तुम सब के सब उसके सामने सजदे में गिर पड़ना
73فَسَجَدَ الْمَلَائِكَةُ كُلُّهُمْ أَجْمَعُونَ
तो सब के सब कुल फरिश्तों ने सजदा किया
74إِلَّا إِبْلِيسَ اسْتَكْبَرَ وَكَانَ مِنَ الْكَافِرِينَ
मगर (एक) इबलीस ने कि वह शेख़ी में आ गया और काफिरों में हो गया
75قَالَ يَا إِبْلِيسُ مَا مَنَعَكَ أَن تَسْجُدَ لِمَا خَلَقْتُ بِيَدَيَّ ۖ أَسْتَكْبَرْتَ أَمْ كُنتَ مِنَ الْعَالِينَ
ख़ुदा ने (इबलीस से) फरमाया कि ऐ इबलीस जिस चीज़ को मैंने अपनी ख़ास कुदरत से पैदा किया (भला) उसको सजदा करने से तुझे किसी ने रोका क्या तूने तक़ब्बुर किया या वाकई तू बड़े दरजे वालें में है
सादकुरान सूची
88आयत
मक्कीRevelation
73आयत

अनुवाद — साद 73

सूरा साद आयत 73 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो सब के सब कुल फरिश्तों ने सजदा किया

सूरा आयत 73/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 71–75. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए