अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَسَجَدَ: सजदा किया, झुककर आदर प्रकट किया।
- الْمَلَائِكَةُ: फ़रिश्ते (अल्लाह के नूरानी बंदे)।
- كُلُّهُمْ أَجْمَعُونَ: उनमें से सभी, बिना किसी अपवाद के, एक साथ।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब अल्लाह तआला ने आदम (अलैहिस्सलाम) को पैदा करके उन्हें अपनी रूह फूँकी और उन्हें इज़्ज़त और बुज़ुर्गी अता की, तो उसने सभी फ़रिश्तों को हुक्म दिया कि वे आदम को सजदा करें — यह सजदा इबादत का नहीं था, बल्कि आदर और सम्मान का सजदा था, जो अल्लाह के हुक्म की तामील में किया गया। फ़रिश्ते, जो हमेशा अल्लाह के हुक्म के पाबंद और उसकी इबादत में मशगूल रहते हैं, उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के, पूरे इख़्लास और इताअत के साथ, सभी ने एक साथ सजदा किया। उनमें से कोई भी पीछे नहीं रहा, न किसी ने कोई एतराज़ किया, बल्कि सभी ने अल्लाह के हुक्म को क़ुबूल किया और आदम (अलैहिस्सलाम) की ताज़ीम की। यह फ़रिश्तों की फ़रमाँबरदारी और उनके ईमान की दलील है कि वे अल्लाह के हर हुक्म को बिना किसी सवाल के मानते हैं। लेकिन इसी आज्ञा में इब्लीस (शैतान) ने सजदा नहीं किया — उसने अपने आपको बड़ा समझा, घमंड और अकड़ से काम लिया, और अल्लाह के हुक्म की खिलाफ़ज़ी की। यही उसका पतन और अल्लाह की रहमत से दूर होने का कारण बना।
दावती पहलू (नसीहत):
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह के हुक्म के आगे सर झुकाना ही सच्ची इज़्ज़त है। फ़रिश्तों ने जिस तरह बिना किसी शर्त के अल्लाह का हुक्म माना, हमें भी चाहिए कि अल्लाह और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के हुक्मों को बिना किसी एतराज़ के क़ुबूल करें। घमंड और अकड़ इंसान को अल्लाह की रहमत से महरूम कर देती है, जैसे इब्लीस को महरूम कर दिया। हमें चाहिए कि अपने अंदर से ग़ुरूर और तकब्बुर को निकालकर अल्लाह के सामने झुकें, क्योंकि सजदा ही वह मुक़ाम है जहाँ बंदा अल्लाह के सबसे क़रीब होता है। याद रखिए, अल्लाह की इताअत में ही हमारी कामयाबी और सरबुलंदी है — आख़िरत में भी और दुनिया में भी।
📜 आयत 71-75 — साद
अनुवाद — साद 73
सूरा साद आयत 73 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो सब के सब कुल फरिश्तों ने सजदा कियासूरा आयत 73/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 71–75. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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