अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أُمِرْتُ — मुझे आदेश दिया गया।
- مُخْلِصًا لَّهُ الدِّينَ — उसी के लिए दीन (इबादत) को ख़ालिस करते हुए, यानी बिना किसी शिर्क के, केवल अल्लाह ही के लिए अपनी इबादत और बंदगी को विशेष करते हुए।
तफ़सीर:
ऐ नबी! आप लोगों से कह दीजिए कि मुझे अल्लाह तआला ने स्पष्ट आदेश दिया है कि मैं उसी की इबादत करूँ, और अपनी पूरी बंदगी, अपनी नमाज़, अपनी दुआ, अपनी क़ुर्बानी, अपना सारा दीन — सब कुछ केवल और केवल उसी के लिए ख़ालिस करूँ। मेरी इबादत में किसी को भी शरीक न करूँ, न किसी बुत को, न किसी इंसान को, न किसी फ़रिश्ते को, न किसी और चीज़ को। यही तौहीद है — यही वह पैग़ाम है जो हर नबी लेकर आया, और यही वह सच्चा दीन है जो अल्लाह को पसंद है।
यह आदेश सिर्फ़ नबी ﷺ के लिए नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए है जो अल्लाह पर ईमान लाता है। जिसने भी इस दीन को क़बूल किया, उस पर भी यही फ़र्ज़ है कि वह अपनी इबादत को अल्लाह के लिए ख़ालिस करे। और यही वह चीज़ है जो इंसान को अल्लाह के करीब लाती है, उसके गुनाहों को माफ़ करवाती है, और उसे जन्नत की तरफ़ ले जाती है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! देखिए, अल्लाह तआला ने हमें जो सबसे बड़ी नेमत दी है, वह यह है कि उसने हमें सीधा रास्ता दिखाया और हमें अपनी इबादत का शरफ़ बख़्शा। जब हम अपनी नमाज़ में, अपनी दुआ में, अपनी हर नेकी में सिर्फ़ अल्लाह को याद करते हैं और सिर्फ़ उसी से मदद माँगते हैं, तो हमारा दिल एक अजीब सुकून और इत्मीनान से भर जाता है। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया की परेशानियों से निकालकर आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है।
अल्लाह ने हम पर कोई ऐसी चीज़ लाज़िम नहीं की जो हमारे लिए भारी हो। उसने सिर्फ़ यह चाहा कि हम उसे पहचानें, उसी की इबादत करें, और उसी से उम्मीद रखें। यही तो सबसे आसान और सबसे सीधा रास्ता है। जो इंसान इस रास्ते पर चल पड़ता है, अल्लाह उसकी हर मुश्किल आसान कर देता है, उसके दिल को रौशन कर देता है, और उसे वह इज़्ज़त देता है जो किसी और से नहीं मिल सकती।
तो आइए, हम सब अपने दिलों को साफ़ करें, अपनी नीयतों को दुरुस्त करें, और अपनी हर इबादत को सिर्फ़ अल्लाह के लिए ख़ालिस करें। यही वह चाबी है जो जन्नत के दरवाज़े खोलती है। अल्लाह हम सबको इस तौहीद पर साबित-क़दम रखे। आमीन।
📜 आयत 9-13 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 11
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि मुझे तो ये हुक्म…सूरा आयत 11/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








