अन-निसा · 174/176
अनुवाद उच्चारण — अन-निसा
يَا أَيُّهَا النَّاسُ قَدْ جَاءَكُم بُرْهَانٌ مِّن رَّبِّكُمْ وَأَنزَلْنَا إِلَيْكُمْ نُورًا مُّبِينًا ۝١٧٤
yaa aiyuhan naasu qad jaaa`akum burhaanum mir Rabbikum wa anzalnaaa ilaikum Nooram Mubeena
📖 हिंदी अर्थ
ऐ लोगों इसमें तो शक ही नहीं कि तुम्हारे परवरदिगार की तरफ़ से (दीने हक़ की) दलील आ चुकी और हम तुम्हारे पास एक चमकता हुआ नूर नाज़िल कर चुके हैं
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • بُرْهَانٌ: प्रमाण, ठोस सबूत, वह स्पष्ट दलील जो किसी भी संदेह को समाप्त कर दे।
  • نُورًا مُّبِينًا: चमकता हुआ प्रकाश, वह रोशनी जो हर अंधेरे को दूर कर दे और रास्ता साफ़ कर दे।

व्याख्या:

हे सभी लोगों! तुम्हारे रब की ओर से तुम्हारे पास एक स्पष्ट और पुख्ता प्रमाण आ चुका है, जो तुम्हारे लिए किसी भी बहाने को शेष नहीं छोड़ता और हर शंका को मिटा देता है। यह प्रमाण अल्लाह के आख़िरी रसूल मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) हैं, जिन्होंने चमत्कारों और स्पष्ट निशानियों के साथ आकर सत्य को उजागर किया। उनके साथ अल्लाह ने एक ऐसा प्रकाश भी उतारा है जो हर अंधकार को चीर देता है—वह है यह क़ुरआन। यह क़ुरआन अपने आप में एक जीता-जागता चमत्कार है, जो सत्य का मार्ग दिखाता है, मनुष्य को अज्ञानता के अंधेरों से निकालकर ज्ञान और मार्गदर्शन की रोशनी में लाता है। यह प्रकाश हर उस व्यक्ति के लिए रास्ता रोशन करता है जो उसे पकड़ता है, और उसे सीधे रास्ते पर चलने की ताक़त देता है। यह कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि अल्लाह की ओर से एक ऐसा नूर है जो दिलों को ज़िंदगी देता है और आत्माओं को पाकीज़गी प्रदान करता है।

फ़ायदे:

  1. अल्लाह ने अपने बंदों पर यह अहसान किया है कि उन्हें सिर्फ अकेला नहीं छोड़ा, बल्कि उनके पास स्पष्ट प्रमाण और रोशनी भेजी, ताकि वे भटकें नहीं। यह अल्लाह की रहमत और मुहब्बत की सबसे बड़ी निशानी है।
  2. क़ुरआन एक ऐसा नूर है जो जीवन के हर मोड़ पर रास्ता दिखाता है—चाहे वह व्यक्तिगत ज़िंदगी हो, पारिवारिक मामले हों या समाज के मुद्दे। जो इसे अपनाता है, वह कभी अंधेरे में नहीं रहता।
  3. यह आयत हमें सिखाती है कि सच्ची कामयाबी उसी व्यक्ति को मिलती है जो इस प्रमाण और नूर को पहचाने और उस पर अमल करे। यह दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई की कुंजी है।
  4. इस आयत से यह भी पता चलता है कि अल्लाह ने इंसान पर कोई बोझ नहीं डाला बिना उसे रास्ता दिखाए। उसने हुज्जत पूरी कर दी है, अब फ़ैसला हमारे हाथ में है कि हम इस रोशनी को क़बूल करें या अंधेरे में रहें।
🎧 सुनें

📜 आयत 172-176 — अन-निसा

172لَّن يَسْتَنكِفَ الْمَسِيحُ أَن يَكُونَ عَبْدًا لِّلَّهِ وَلَا الْمَلَائِكَةُ الْمُقَرَّبُونَ ۚ وَمَن يَسْتَنكِفْ عَنْ عِبَادَتِهِ وَيَسْتَكْبِرْ فَسَيَحْشُرُهُمْ إِلَيْهِ جَمِيعًا
न तो मसीह ही ख़ुदा का बन्दा होने से हरगिज़ इन्कार कर सकते हैं और न (ख़ुदा के) मुक़र्रर फ़रिश्ते और (याद रहे) जो शख्स उसके बन्दा होने से इन्कार करेगा और शेख़ी करेगा तो अनक़रीब ही ख़ुदा उन सबको अपनी तरफ़ उठा लेगा (और हर एक को उसके काम की सज़ा देगा)
173فَأَمَّا الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ فَيُوَفِّيهِمْ أُجُورَهُمْ وَيَزِيدُهُم مِّن فَضْلِهِ ۖ وَأَمَّا الَّذِينَ اسْتَنكَفُوا وَاسْتَكْبَرُوا فَيُعَذِّبُهُمْ عَذَابًا أَلِيمًا وَلَا يَجِدُونَ لَهُم مِّن دُونِ اللَّهِ وَلِيًّا وَلَا نَصِيرًا
पस जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया है और अच्छे (अच्छे) काम किए हैं उनका उन्हें सवाब पूरा पूरा भर देगा बल्कि अपने फ़ज़ल (व करम) से कुछ और ज्यादा ही देगा और लोग उसका बन्दा होने से इन्कार करते थे और शेख़ी करते थे उन्हें तो दर्दनाक अज़ाब में मुब्तिला करेगा और लुत्फ़ ये है कि वह लोग ख़ुदा के सिवा न अपना सरपरस्त ही पाएंगे और न मददगार
174يَا أَيُّهَا النَّاسُ قَدْ جَاءَكُم بُرْهَانٌ مِّن رَّبِّكُمْ وَأَنزَلْنَا إِلَيْكُمْ نُورًا مُّبِينًا
ऐ लोगों इसमें तो शक ही नहीं कि तुम्हारे परवरदिगार की तरफ़ से (दीने हक़ की) दलील आ चुकी और हम तुम्हारे पास एक चमकता हुआ नूर नाज़िल कर चुके हैं
175فَأَمَّا الَّذِينَ آمَنُوا بِاللَّهِ وَاعْتَصَمُوا بِهِ فَسَيُدْخِلُهُمْ فِي رَحْمَةٍ مِّنْهُ وَفَضْلٍ وَيَهْدِيهِمْ إِلَيْهِ صِرَاطًا مُّسْتَقِيمًا
पस जो लोग ख़ुदा पर ईमान लाए और उसी से लगे लिपटे रहे तो ख़ुदा भी उन्हें अनक़रीब ही अपनी रहमत व फ़ज़ल के सादाब बाग़ो में पहुंचा देगा और उन्हे अपने हुज़ूरी का सीधा रास्ता दिखा देगा 175
176يَسْتَفْتُونَكَ قُلِ اللَّهُ يُفْتِيكُمْ فِي الْكَلَالَةِ ۚ إِنِ امْرُؤٌ هَلَكَ لَيْسَ لَهُ وَلَدٌ وَلَهُ أُخْتٌ فَلَهَا نِصْفُ مَا تَرَكَ ۚ وَهُوَ يَرِثُهَا إِن لَّمْ يَكُن لَّهَا وَلَدٌ ۚ فَإِن كَانَتَا اثْنَتَيْنِ فَلَهُمَا الثُّلُثَانِ مِمَّا تَرَكَ ۚ وَإِن كَانُوا إِخْوَةً رِّجَالًا وَنِسَاءً فَلِلذَّكَرِ مِثْلُ حَظِّ الْأُنثَيَيْنِ ۗ يُبَيِّنُ اللَّهُ لَكُمْ أَن تَضِلُّوا ۗ وَاللَّهُ بِكُلِّ شَيْءٍ عَلِيمٌ
(ऐ रसूल) तुमसे लोग फ़तवा तलब करते हैं तुम कह दो कि कलाला (भाई बहन) के बारे में ख़ुदा तो ख़ुद तुम्हे फ़तवा देता है कि अगर कोई ऐसा शख्स मर जाए कि उसके न कोई लड़का बाला हो (न मॉ बाप) और उसके (सिर्फ) एक बहन हो तो उसका तर्के से आधा होगा (और अगर ये बहन मर जाए) और उसके कोई औलाद न हो (न मॉ बाप) तो उसका वारिस बस यही भाई होगा और अगर दो बहनें (ज्यादा) हों तो उनको (भाई के) तर्के से दो तिहाई मिलेगा और अगर किसी के वारिस भाई बहन दोनों (मिले जुले) हों तो मर्द को औरत के हिस्से का दुगना मिलेगा तुम लोगों के भटकने के ख्याल से ख़ुदा अपने एहकाम वाजेए करके बयान फ़रमाता है और ख़ुदा तो हर चीज़ से वाक़िफ़ है
अन-निसाकुरान सूची
176आयत
मदनीRevelation
174आयत

अनुवाद — अन-निसा 174

सूरा अन-निसा आयत 174 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ लोगों इसमें तो शक ही नहीं कि तुम्हारे परवरदिगार…

सूरा आयत 174/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 172–176. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए