अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اسْتَنكَفُوا – अभिमान के कारण इनकार किया, झिझकते हुए मना किया।
- اسْتَكْبَرُوا – घमंड किया, खुद को बड़ा समझा और आज्ञा मानने से इनकार किया।
- أَلِيمًا – दर्दनाक, बहुत तकलीफ़ देने वाला।
- وَلِيًّا – मददगार, संरक्षक, जो भलाई पहुँचाए।
- نَصِيرًا – सहायक, जो बुराई को टाल सके।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में दो समूहों का स्पष्ट और न्यायपूर्ण फैसला सुना रहा है, ताकि हर इंसान अपना रास्ता खुद चुन सके।
पहला समूह: वे लोग जो सच्चे दिल से अल्लाह पर ईमान लाए, उसके रसूलों की पुष्टि की, और अपने अमल को सिर्फ अल्लाह की रज़ा के लिए किया — उन्होंने अपने जीवन को अल्लाह की बताई हुई शरीयत के अनुसार ढाला। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह का वादा है कि वह उन्हें उनके अमल का पूरा-पूरा बदला देगा, कोई कमी नहीं करेगा। और यही नहीं, बल्कि वह अपने फज़ल (कृपा) से उन्हें और अधिक देगा — ऐसा अतिरिक्त इनाम जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती; जो आँखों ने नहीं देखा, कानों ने नहीं सुना, और किसी इंसान के दिल में ख्याल भी नहीं आया। यह अल्लाह की असीम दया और उदारता है, जो वह अपने नेक बंदों पर करता है।
दूसरा समूह: वे लोग जिन्होंने अल्लाह की इबादत से इनकार किया, अभिमान और घमंड के कारण उसके आगे झुकना पसंद नहीं किया। उन्होंने अपने आपको बड़ा समझा और अल्लाह की आज्ञा मानने से मुँह मोड़ा। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने दर्दनाक अज़ाब तैयार किया है। उस दिन उन्हें कोई मददगार नहीं मिलेगा, कोई संरक्षक नहीं होगा जो उन्हें अल्लाह की पकड़ से बचा सके, और न ही कोई सहायक होगा जो उनकी तरफ से सिफारिश कर सके या उन पर से अज़ाब टाल सके। अल्लाह के सिवा कोई भी उन्हें राहत नहीं दे सकता।
दृष्टिकोण (पाठ):
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का न्याय पूर्ण है — जो अच्छा करेगा उसे अच्छा मिलेगा, और जो बुराई करेगा उसे बुराई का सामना करना पड़ेगा। यह हमारे लिए एक बड़ा अवसर है कि हम अपने जीवन को ईमान और अच्छे कर्मों से सजाएँ। अल्लाह की रहमत इतनी विशाल है कि वह न केवल हमारे अमल का बदला देगा, बल्कि अपनी ओर से और भी अधिक देगा। आइए, हम अभिमान और घमंड से बचें, और अल्लाह के आगे झुककर उसकी रहमत के हकदार बनें। यही सफलता का रास्ता है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी।
📜 आयत 171-175 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 173
सूरा अन-निसा आयत 173 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : पस जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया है और अच्छे…सूरा आयत 173/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 171–175. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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