अन-निसा · 175/176
अनुवाद उच्चारण — अन-निसा
فَأَمَّا الَّذِينَ آمَنُوا بِاللَّهِ وَاعْتَصَمُوا بِهِ فَسَيُدْخِلُهُمْ فِي رَحْمَةٍ مِّنْهُ وَفَضْلٍ وَيَهْدِيهِمْ إِلَيْهِ صِرَاطًا مُّسْتَقِيمًا ۝١٧٥
Fa ammal lazeena aamanoo billaahi wa`tasamoo bihee fasa yudkhiluhum fee rah matim minhu wa fadlinw wa yahdeehim ilaihi Siraatam Mustaqeema
📖 हिंदी अर्थ
पस जो लोग ख़ुदा पर ईमान लाए और उसी से लगे लिपटे रहे तो ख़ुदा भी उन्हें अनक़रीब ही अपनी रहमत व फ़ज़ल के सादाब बाग़ो में पहुंचा देगा और उन्हे अपने हुज़ूरी का सीधा रास्ता दिखा देगा 175
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَاعْتَصَمُوا بِهِ: उस (अल्लाह) को मजबूती से थाम लिया, उसकी रस्सी (कुरआन) को पकड़ लिया, और उसी पर भरोसा किया।
  • رَحْمَةٍ: दया, जिसका अर्थ यहाँ जन्नत और उसकी नेमतें हैं।
  • فَضْل: अतिरिक्त अनुग्रह, बढ़ा हुआ इनाम और दर्जों की ऊँचाई।
  • صِرَاطًا مُسْتَقِيمًا: सीधा और साफ़ रास्ता, जिसमें कोई टेढ़ापन न हो।

तफसीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला उन लोगों का हाल बयान कर रहा है जिन्होंने सच्चे दिल से अल्लाह पर ईमान लाया—अपने अक़ीदे, अपनी ज़ुबान और अपने अमल से—और उसकी रस्सी (कुरआन) को मजबूती से थाम लिया, यानी उसके हुक्मों पर चले और उसकी पनाह में आ गए। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह का वादा है कि वह उन्हें अपनी रहमत (जन्नत) में दाखिल करेगा, और यह सिर्फ उसकी दया और कृपा से होगा, न कि उनके अमल के बदले में। इसके साथ ही वह उन्हें अपने फज़ल (अतिरिक्त अनुग्रह) से नवाज़ेगा, यानी उनके दर्जे बुलंद करेगा और उन्हें ऐसा इनाम देगा जो उनके अमल से कहीं बढ़कर होगा। फिर अल्लाह उन्हें सीधे रास्ते की हिदायत देगा—वह रास्ता जो साफ़ और सीधा है, जिसमें कोई भटकाव नहीं—और यही रास्ता उन्हें जन्नत के बाग़ों तक पहुँचाएगा। यह हिदायत उनके लिए दुनिया में भी होगी (सही अक़ीदा और अमल की तौफ़ीक़) और आख़िरत में भी (जन्नत के रास्ते की रहनुमाई)।

फ़ायदे (सबक़):

  1. ईमान सिर्फ ज़ुबान का दावा नहीं, बल्कि दिल का यक़ीन और अमल का सबूत है। जो सच्चा ईमान लाए और अल्लाह को थाम ले, उसके लिए अल्लाह की रहमत और फज़ल का वादा है।
  2. अल्लाह की रहमत उसके बंदों पर उनके अमल से कहीं बढ़कर है—यह उसकी दया है कि वह थोड़े अमल पर बड़ा इनाम देता है।
  3. सीधा रास्ता (सिरातुल मुस्तक़ीम) वही है जो अल्लाह तक पहुँचाए, और यह रास्ता कुरआन और सुन्नत की पैरवी में है। जो इस पर चलेगा, अल्लाह उसे कभी अकेला नहीं छोड़ेगा।
  4. यह आयत मोमिनों के लिए खुशखबरी है कि उनका अंजाम जन्नत है, और अल्लाह उन्हें हर मुश्किल से निकालकर अपनी रहमत की तरफ ले जाएगा। यह चीज़ इंसान को अल्लाह से मुहब्बत और उम्मीद सिखाती है।
🎧 सुनें

📜 आयत 173-176 — अन-निसा

173فَأَمَّا الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ فَيُوَفِّيهِمْ أُجُورَهُمْ وَيَزِيدُهُم مِّن فَضْلِهِ ۖ وَأَمَّا الَّذِينَ اسْتَنكَفُوا وَاسْتَكْبَرُوا فَيُعَذِّبُهُمْ عَذَابًا أَلِيمًا وَلَا يَجِدُونَ لَهُم مِّن دُونِ اللَّهِ وَلِيًّا وَلَا نَصِيرًا
पस जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया है और अच्छे (अच्छे) काम किए हैं उनका उन्हें सवाब पूरा पूरा भर देगा बल्कि अपने फ़ज़ल (व करम) से कुछ और ज्यादा ही देगा और लोग उसका बन्दा होने से इन्कार करते थे और शेख़ी करते थे उन्हें तो दर्दनाक अज़ाब में मुब्तिला करेगा और लुत्फ़ ये है कि वह लोग ख़ुदा के सिवा न अपना सरपरस्त ही पाएंगे और न मददगार
174يَا أَيُّهَا النَّاسُ قَدْ جَاءَكُم بُرْهَانٌ مِّن رَّبِّكُمْ وَأَنزَلْنَا إِلَيْكُمْ نُورًا مُّبِينًا
ऐ लोगों इसमें तो शक ही नहीं कि तुम्हारे परवरदिगार की तरफ़ से (दीने हक़ की) दलील आ चुकी और हम तुम्हारे पास एक चमकता हुआ नूर नाज़िल कर चुके हैं
175فَأَمَّا الَّذِينَ آمَنُوا بِاللَّهِ وَاعْتَصَمُوا بِهِ فَسَيُدْخِلُهُمْ فِي رَحْمَةٍ مِّنْهُ وَفَضْلٍ وَيَهْدِيهِمْ إِلَيْهِ صِرَاطًا مُّسْتَقِيمًا
पस जो लोग ख़ुदा पर ईमान लाए और उसी से लगे लिपटे रहे तो ख़ुदा भी उन्हें अनक़रीब ही अपनी रहमत व फ़ज़ल के सादाब बाग़ो में पहुंचा देगा और उन्हे अपने हुज़ूरी का सीधा रास्ता दिखा देगा 175
176يَسْتَفْتُونَكَ قُلِ اللَّهُ يُفْتِيكُمْ فِي الْكَلَالَةِ ۚ إِنِ امْرُؤٌ هَلَكَ لَيْسَ لَهُ وَلَدٌ وَلَهُ أُخْتٌ فَلَهَا نِصْفُ مَا تَرَكَ ۚ وَهُوَ يَرِثُهَا إِن لَّمْ يَكُن لَّهَا وَلَدٌ ۚ فَإِن كَانَتَا اثْنَتَيْنِ فَلَهُمَا الثُّلُثَانِ مِمَّا تَرَكَ ۚ وَإِن كَانُوا إِخْوَةً رِّجَالًا وَنِسَاءً فَلِلذَّكَرِ مِثْلُ حَظِّ الْأُنثَيَيْنِ ۗ يُبَيِّنُ اللَّهُ لَكُمْ أَن تَضِلُّوا ۗ وَاللَّهُ بِكُلِّ شَيْءٍ عَلِيمٌ
(ऐ रसूल) तुमसे लोग फ़तवा तलब करते हैं तुम कह दो कि कलाला (भाई बहन) के बारे में ख़ुदा तो ख़ुद तुम्हे फ़तवा देता है कि अगर कोई ऐसा शख्स मर जाए कि उसके न कोई लड़का बाला हो (न मॉ बाप) और उसके (सिर्फ) एक बहन हो तो उसका तर्के से आधा होगा (और अगर ये बहन मर जाए) और उसके कोई औलाद न हो (न मॉ बाप) तो उसका वारिस बस यही भाई होगा और अगर दो बहनें (ज्यादा) हों तो उनको (भाई के) तर्के से दो तिहाई मिलेगा और अगर किसी के वारिस भाई बहन दोनों (मिले जुले) हों तो मर्द को औरत के हिस्से का दुगना मिलेगा तुम लोगों के भटकने के ख्याल से ख़ुदा अपने एहकाम वाजेए करके बयान फ़रमाता है और ख़ुदा तो हर चीज़ से वाक़िफ़ है
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अनुवाद — अन-निसा 175

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Tuesday, August 18, 2026

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