Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- कबाइर (كبائر): बड़े गुनाह, वे पाप जिन पर शरिया में स्पष्ट दंड या आग का वादा किया गया हो।
- नुकफ्फिर (نكفّر): हम माफ कर देंगे, ढक देंगे और मिटा देंगे।
- सय्यिआत (سيئات): छोटे गुनाह, बुराइयाँ।
- मुद्खलन करीमन (مدخلاً كريماً): सम्मानजनक प्रवेश का स्थान, अर्थात जन्नत।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालो! यदि तुम उन बड़े गुनाहों से बचते रहो, जिनसे अल्लाह ने तुम्हें रोका है—जैसे अल्लाह के साथ साझीदार बनाना (शिर्क), माता-पिता की अवज्ञा करना, किसी की जान नाहक़ लेना, सूद (ब्याज) खाना, और इसी प्रकार के अन्य गंभीर पाप—तो अल्लाह तुमसे वादा करता है कि वह तुम्हारे छोटे गुनाहों को माफ कर देगा और उन्हें मिटा देगा। यह अल्लाह का विशेष अनुग्रह है कि बड़े पापों से बचने पर छोटी गलतियाँ क्षमा कर दी जाती हैं। इसके अलावा, वह तुम्हें एक सम्मानजनक और प्रतिष्ठित स्थान में प्रवेश दिलाएगा, जो जन्नत है—जहाँ स्थायी सुख, शांति और अल्लाह की रहमत का वास है। यह अल्लाह की ओर से एक बड़ा पुरस्कार और करम है, जो उसके डरने वाले और आज्ञाकारी बंदों के लिए तैयार किया गया है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का रास्ता कठिन नहीं है—वह हमसे केवल बड़े गुनाहों से बचने का आग्रह करता है, और बदले में छोटी गलतियों को माफ करने का वादा करता है। यह अल्लाह की असीम दया और उदारता का प्रमाण है।
- इस आयत से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि अगर हमने कोई छोटी गलती कर भी दी है, तो निराश न हों; बल्कि बड़े पापों से दूर रहने की कोशिश जारी रखें, क्योंकि अल्लाह की क्षमा का द्वार हमेशा खुला है।
- यह हमें बताती है कि इस्लाम में आत्म-सुधार का मार्ग सरल है—पूर्णता की माँग नहीं, बल्कि ईमानदारी और निरंतर प्रयास की आवश्यकता है। यह बात हृदय में आशा और उत्साह पैदा करती है।
- अंत में, जन्नत का वादा हमें याद दिलाता है कि इस दुनिया की कठिनाइयाँ अस्थायी हैं; सच्ची सफलता उस सम्मानजनक स्थान में है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार किया है। यह हमें धैर्य और संयम के साथ जीने की ताकत देता है।
📜 आयत 29-33 — सूरा अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 31
सूरा अन-निसा आयत 31 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिन कामों की तुम्हें मनाही की जाती है अगर उनमें…सूरा आयत 31/176 — सूरा अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-निसा सुनें, सूरा अन-निसा अनुवाद, सूरा अन-निसा mp3, सूरा अन-निसा pdf. आयत 29–33. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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