अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آلِ فِرْعَوْنَ: फिरौन के परिवार या उसके दरबार से संबंधित लोग।
- يَكْتُمُ إِيمَانَهُ: अपने ईमान को छिपाता था।
- بِالْبَيِّنَاتِ: स्पष्ट प्रमाण और चमत्कार।
- مُسْرِفٌ: हद से गुज़रने वाला, सत्य को छोड़कर असत्य की ओर बढ़ने वाला।
- كَذَّابٌ: बहुत झूठ बोलने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने फिरौन के परिवार के एक ईमानदार व्यक्ति का ज़िक्र किया है, जो अपने ईमान को छिपाए हुए था। जब फिरौन और उसकी क़ौम ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को क़त्ल करने का इरादा किया, तो यह नेक इंसान उनके सामने खड़ा हुआ और उन्हें इस ज़ुल्म से रोकने की कोशिश की। उसने अंदाज़े से कहा: "क्या तुम एक ऐसे व्यक्ति को क़त्ल करोगे जिसने सिर्फ़ यह कहा है कि मेरा रब अल्लाह है? और वह तुम्हारे पास अपने रब की ओर से स्पष्ट निशानियाँ और चमत्कार लेकर आया है?"
उसने उन्हें समझाया कि अगर यह झूठा है, तो उसके झूठ का वबाल (बुरा अंजाम) खुद उसी पर पड़ेगा, और तुम्हें उसे सज़ा देने की ज़रूरत नहीं। लेकिन अगर यह सच्चा है, तो जिस अज़ाब (यातना) से यह तुम्हें डरा रहा है, उसका कुछ हिस्सा तुम पर आ पड़ेगा, और तुम सब तबाह हो जाओगे। यानी उसने उन्हें सोचने की दावत दी कि जल्दबाज़ी में किसी को क़त्ल करना अक्लमंदी नहीं।
फिर उसने उन्हें यह भी याद दिलाया कि अल्लाह उस व्यक्ति को हिदायत नहीं देता जो हद से गुज़र जाए और अल्लाह पर झूठ बोलने वाला हो। यानी जो लोग सच्चाई को छोड़कर बुराई और ज़ुल्म पर आगे बढ़ते हैं और अल्लाह के बारे में झूठे दावे करते हैं, वे कभी सही रास्ता नहीं पा सकते।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि एक इंसान चाहे कितनी भी कमज़ोर स्थिति में हो, उसे सच्चाई के लिए आवाज़ उठानी चाहिए। उस ईमानदार व्यक्ति ने फिरौन के सामने खड़े होकर सच बोला, और अल्लाह ने उसके इस साहस को हमेशा के लिए क़ुरआन में महफ़ूज़ कर दिया। यह हमारे लिए सबक़ है कि हमें भी बुराई के खिलाफ़ बोलना चाहिए, भले ही हम अकेले हों। अल्लाह सच्चाई पर क़ायम रहने वालों की मदद करता है और उन्हें कभी नाकाम नहीं होने देता। इस आयत से यह भी पता चलता है कि इस्लाम में किसी को बिना सबूत के क़त्ल करना बहुत बड़ा ज़ुल्म है, और अल्लाह के नबियों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए।
📜 आयत 26-30 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 28
सूरा ग़ाफिर आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और फिरऔन के लोगों में एक ईमानदार शख्स (हिज़कील) ने…सूरा आयत 28/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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