अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاسْتَخَفَّ – उन्हें हल्का (कमज़ोर) समझा, उनकी अक़्लों को हल्का किया, यानी उन्हें अपने वश में कर लिया।
- فَأَطَاعُوهُ – तो उन्होंने उसकी बात मान ली।
- فَاسِقِينَ – आज्ञा का उल्लंघन करने वाले, अल्लाह की राह से निकल जाने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला फ़िरऔन के हाल का ज़िक्र कर रहे हैं। फ़िरऔन ने अपनी क़ौम को हल्का समझा और उनकी अक़्लों को इस तरह अपने क़ाबू में किया कि उन्होंने उसकी हर बात मान ली। उसने उन्हें गुमराही की तरफ़ बुलाया और वे उसके पीछे-पीछे चल पड़े, यहाँ तक कि उन्होंने मूसा (अलैहिस्सलाम) की सच्ची दावत को भी झुठला दिया।
अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि यह सब इसलिए हुआ क्योंकि वे लोग फ़ासिक़ थे, यानी अल्लाह की आज्ञा से निकल चुके थे और सीधी राह पर चलने वाले नहीं थे। जब दिलों में अल्लाह का डर नहीं होता और नफ़्स की ख़्वाहिशें हावी हो जाती हैं, तो इंसान किसी भी गुमराह की बात मान लेता है, चाहे वह कितनी ही बुरी क्यों न हो।
यह आयत हमारे लिए एक बड़ी सबक़ है। यह बताती है कि जो लोग अल्लाह से दूर हो जाते हैं और अपने दीन को कमज़ोर समझते हैं, वे किसी भी झूठे नेता या गुमराह करने वाले के पीछे चल पड़ते हैं। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत रखें, अल्लाह की किताब और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत को अपना रहनुमा बनाएँ, और किसी भी ऐसे इंसान की बात न मानें जो हमें अल्लाह की राह से भटकाना चाहे।
याद रखिए, सच्ची इज़्ज़त और कामयाबी अल्लाह की आज्ञा मानने में है, न कि किसी इंसान की अंधी पैरवी में। अल्लाह तआला हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 52-56 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 54
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 54 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ फिरऔन ने (बातें बनाकर) अपनी क़ौम की अक़ल मार…सूरा आयत 54/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 52–56. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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