अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- सुन्दुस (سُندُس): बारीक रेशमी कपड़ा।
- इस्तबरक़ (إِسْتَبْرَق): मोटा रेशमी कपड़ा।
- मुतक़ाबिलीन (مُتَقَابِلِينَ): एक-दूसरे के सामने (आमने-सामने) बैठे हुए।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि जन्नत के ये नेक बंदे, जिन्हें परहेज़गार कहा गया है, वहाँ बारीक और मोटे रेशमी वस्त्र पहनेंगे। यानी जन्नत की चमकदार और उम्दा पोशाकें, जिनकी कोई मिसाल इस दुनिया में नहीं, वे उन्हें पहनाए जाएँगी। यह उनकी इज़्ज़त और अकराम की निशानी होगी।
फिर फ़रमाया कि वे आमने-सामने बैठे होंगे, एक-दूसरे की तरफ़ देखते हुए। उनके बीच न कोई दूरी होगी, न कोई पर्दा, और न ही उनके दिलों में कोई कड़वाहट या ईर्ष्या होगी। उनके तख्त ऐसे होंगे कि जिधर भी वे मुड़ेंगे, उनके चेहरे एक-दूसरे के सामने ही होंगे — यानी पूरा इज़्ज़त और मुहब्बत का माहौल। कोई किसी की पीठ की तरफ़ नहीं होगा, बल्कि सब एक-दूसरे के सामने, खुशी और इत्मीनान के साथ बैठे होंगे।
यह दृश्य जन्नत की उस खुशी और भाईचारे की तस्वीर पेश करता है जहाँ न कोई रंजिश होती है, न कोई शिकायत। सब दिल एक होंगे, चेहरे एक-दूसरे की तरफ़ होंगे, और दिलों में सिर्फ़ मुहब्बत और शुक्र का जज़्बा होगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें जन्नत की उस नेमत की याद दिलाती है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार की है। जब हम देखते हैं कि जन्नत में इंसान को ऐसे कपड़े मिलेंगे जिनकी कोई उपमा नहीं, और वहाँ का माहौल इतना प्यारा होगा कि लोग आमने-सामने बैठकर एक-दूसरे की सूरत देखते रहेंगे, तो हमारा दिल चाहता है कि हम भी उन्हीं में से हों। यह आयत हमें अमल की तरफ़ राग़िब करती है — कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, ताकि हम भी उस दिन उन खुशनसीबों में शामिल हों जिन्हें यह इज़्ज़त और क़ुरबत हासिल होगी।
📜 आयत 51-55 — सूरा अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 53
सूरा अद-दुखान आयत 53 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : रेशम की कभी बारीक़ और कभी दबीज़ पोशाकें पहने हुए…सूरा आयत 53/59 — सूरा अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुखान सुनें, सूरा अद-दुखान अनुवाद, सूरा अद-दुखान mp3, सूरा अद-दुखान pdf. आयत 51–55. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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