अद-दुखान · 54/59
अनुवाद उच्चारण — सूरा अद-दुखान
كَذَٰلِكَ وَزَوَّجْنَاهُم بِحُورٍ عِينٍ ۝٥٤
Kazaalika wa zawwajnaahum bihoorin `een
📖 हिंदी अर्थ
ऐसा ही होगा और हम बड़ी बड़ी ऑंखों वाली हूरों से उनके जोड़े लगा देंगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • حُورٍ (हूर): ऐसी स्त्रियाँ जिनकी आँखें अत्यंत सुंदर और आकर्षक हों, जिनमें सफेदी और काली दोनों रंगों की खूबसूरती निहित हो।
  • عِينٍ (ईन): बड़ी-बड़ी और अत्यंत सुंदर आँखों वाली स्त्रियाँ।

तफ़सीर (व्याख्या):

जिस प्रकार हमने इन मुत्तक़ियों (परहेज़गारों) को जन्नत में दाख़िल करके, उन्हें रेशमी वस्त्र पहनाकर और उन्हें इस सम्मान से नवाज़ा, उसी प्रकार हमने उन्हें एक और बड़ी नेमत अता की—उनका निकाह (विवाह) हूरों से कर दिया। ये हूरें अत्यंत सुंदर, बड़ी-बड़ी आँखों वाली, निहायत खूबसूरत और पाक-साफ़ हैं। उनकी आँखों की सफेदी अत्यंत उज्ज्वल और काली पुतली अत्यंत गहरी और सुंदर है। यह ज़िक्र उस सम्मान और इज़्ज़त की तस्वीर है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार की है।

यहाँ "زواج" (निकाह) का मतलब उन्हें हूरों के साथ जोड़ना और उन्हें एक-दूसरे का साथी बनाना है, जैसे दो चीज़ों को एक साथ मिला दिया जाए। यह दुनिया के निकाह की तरह नहीं है, बल्कि यह जन्नत की एक विशेष नेमत है, जहाँ मोहब्बत, सुकून और खुशी का कोई अंत नहीं।

दावती पहलू:

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों के लिए कितनी बड़ी नेमतें तैयार करके रखता है। जन्नत की ये खुशियाँ और ये हूरें उन लोगों के लिए हैं जो दुनिया में अल्लाह के हुक्मों की पैरवी करते हैं, गुनाहों से बचते हैं और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाते हैं। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम दुनिया की फ़ानी खुशियों के पीछे भागने के बजाय उस आख़िरत की स्थायी खुशियों की तरफ़ देखें, जो कभी ख़त्म नहीं होतीं। अल्लाह का वादा सच्चा है और उसकी नेमतें उन लोगों का इंतज़ार कर रही हैं जो उस पर ईमान लाते हैं और नेक अमल करते हैं।



📜 आयत 52-56 — सूरा अद-दुखान

52فِي جَنَّاتٍ وَعُيُونٍ
(यानि) बाग़ों और चश्मों में होंगे
53يَلْبَسُونَ مِن سُندُسٍ وَإِسْتَبْرَقٍ مُّتَقَابِلِينَ
रेशम की कभी बारीक़ और कभी दबीज़ पोशाकें पहने हुए एक दूसरे के आमने सामने बैठे होंगे
54كَذَٰلِكَ وَزَوَّجْنَاهُم بِحُورٍ عِينٍ
ऐसा ही होगा और हम बड़ी बड़ी ऑंखों वाली हूरों से उनके जोड़े लगा देंगे
55يَدْعُونَ فِيهَا بِكُلِّ فَاكِهَةٍ آمِنِينَ
वहाँ इत्मेनान से हर किस्म के मेवे मंगवा कर खायेंगे
56لَا يَذُوقُونَ فِيهَا الْمَوْتَ إِلَّا الْمَوْتَةَ الْأُولَىٰ ۖ وَوَقَاهُمْ عَذَابَ الْجَحِيمِ
वहाँ पहली दफ़ा की मौत के सिवा उनको मौत की तलख़ी चख़नी ही न पड़ेगी और ख़ुदा उनको दोज़ख़ के अज़ाब से महफूज़ रखेगा
अद-दुखानकुरान सूची
59आयत
मक्कीअवतरण स्थान
54आयत

अनुवाद — अद-दुखान 54

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Saturday, October 3, 2026

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