Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- जाथिया (جَاثِيَةً): घुटनों के बल बैठी हुई, जैसे कोई मुकद्दमे के लिए हाकिम के सामने घुटनों के बल बैठता है।
- उम्मत (أُمَّةٍ): समुदाय, गिरोह, या वह समूह जो किसी पैग़म्बर पर ईमान लाया या उसे झुठलाया।
- किताबिहा (كِتَابِهَا): उसका (आमाल का) लेखा-जोखा, जो फ़रिश्तों ने लिखा है।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप उस दिन देखेंगे जब क़यामत आएगी, कि हर उम्मत (समुदाय) घुटनों के बल बैठी होगी — डरी हुई, सहमी हुई, अपने अंजाम का इंतज़ार करती हुई। यह वही हालत होगी जैसे कोई मुजरिम हाकिम के सामने पेश किया जाए। हर गिरोह को उसके आमाल की किताब की तरफ़ बुलाया जाएगा, और उससे कहा जाएगा: "आज तुम्हें वही बदला दिया जाएगा जो तुम दुनिया में करते थे — नेकी का बदला नेकी से, और बुराई का बदला बुराई से।"
यह वह दिन होगा जब कोई किसी की मदद नहीं कर सकेगा, न कोई सिफ़ारिश काम आएगी, और न कोई बहाना क़ुबूल होगा। हर इंसान अपने किए पर पछताएगा, लेकिन पछतावे का वक़्त बीत चुका होगा। यह अल्लाह का वादा है जो सच्चा है — और अल्लाह अपने वादे के ख़िलाफ़ नहीं करता।
दावती पहलू (नसीहत):
यह आयत हमें जगाती है कि हमारी ज़िंदगी का हर लम्हा लिखा जा रहा है। फ़रिश्ते हमारे हर अमल को दर्ज कर रहे हैं — चाहे वह छोटा हो या बड़ा। जिस दिन वह किताब खोली जाएगी, हम खुद अपने आमाल देखेंगे। इसलिए आज ही वह किताब ऐसी बनाएं जो हमारे लिए रोशनी बने, अंधेरा नहीं। नेकी का एक छोटा सा काम भी उस दिन बहुत भारी होगा, और बुराई का एक पल भी पछतावे का सबब बनेगा। अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें उन लोगों में शामिल करे जिनका नामा-ए-आमाल दाहिने हाथ में दिया जाएगा, और हमें उस दिन की रुसवाई से बचाए। याद रखें — आज का हर अमल, कल की जज़ा (बदला) का ज़रिया है।
📜 आयत 26-30 — सूरा अल-जासिया
अनुवाद — अल-जासिया 28
सूरा अल-जासिया आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) तुम हर उम्मत को देखोगे कि (फैसले…सूरा आयत 28/37 — सूरा अल-जासिया الجاثية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-जासिया सुनें, सूरा अल-जासिया अनुवाद, सूरा अल-जासिया mp3, सूरा अल-जासिया pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-जासिया
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


