अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تُوَسْوِسُ: दिल में आने वाले ख़यालात और विचार, जो इंसान के दिल में उठते हैं।
- حَبْلِ الْوَرِيدِ: गर्दन की रग (नस), जो दिल से जुड़ी होती है। यह इंसान के शरीर में बहुत करीब होती है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में अपनी क़ुदरत और अपने इल्म (ज्ञान) की पूर्णता का ज़िक्र किया है। वह फ़रमाता है कि हमने इंसान को पैदा किया और हम उसके दिल के उन ख़यालात और विचारों को भी जानते हैं जो उसके दिल में उठते हैं, चाहे वे अच्छे हों या बुरे, छोटे हों या बड़े। इंसान की ज़ुबान पर जो बात आती है, वह तो लोग जान लेते हैं, लेकिन उसके दिल की गहराइयों में छिपे राज़ और उसके नफ़्स के वसवसे (बुरे ख़याल) सिर्फ़ अल्लाह ही जानता है।
अल्लाह तआला इंसान के और भी करीब है — उसकी गर्दन की रग (शह रग) से भी ज़्यादा करीब। यानी अल्लाह का इल्म और उसकी निगरानी इंसान के हर ज़र्रे (कण) पर हावी है। वह इंसान की रूह, दिल और दिमाग़ के हर इशारे से वाक़िफ़ है। यह करीबी जिस्मानी नहीं, बल्कि इल्मी और क़ुदरती है — यानी अल्लाह की ताक़त और उसके ज्ञान का हर चीज़ पर पूरा क़ब्ज़ा है।
यह आयत इंसान को यह सिखाती है कि वह जहाँ भी हो, चाहे अकेले में हो या भीड़ में, अल्लाह उसे देख रहा है और उसके दिल की हर बात जानता है। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह से शर्म करे और उसकी नाराज़गी से बचे। जब इंसान को यह यक़ीन हो जाए कि अल्लाह उसके दिल के राज़ भी जानता है, तो वह गुनाह करने से पहले रुक जाएगा और अच्छे कामों की तरफ़ रुजू करेगा।
यह आयत हमें अल्लाह की मुहब्बत और उसकी निगरानी का एहसास दिलाती है। जब हम जानते हैं कि अल्लाह हमसे इतना करीब है, तो हमें कभी अकेलापन महसूस नहीं होना चाहिए। हर मुश्किल में हम उससे दुआ कर सकते हैं, क्योंकि वह हमारी हर पुकार सुनता है और हमारे दिल की हर बात जानता है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी तसल्ली (सुकून) की बात है कि हमारा रब हमसे हमारी शह रग से भी ज़्यादा करीब है।
📜 आयत 14-18 — काफ
अनुवाद — काफ 16
सूरा काफ आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और बेशक हम ही ने इन्सान को पैदा किया और…सूरा आयत 16/45 — काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: काफ सुनें, काफ अनुवाद, काफ mp3, काफ pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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