काफ · 17/45
अनुवाद उच्चारण — सूरा काफ
إِذْ يَتَلَقَّى الْمُتَلَقِّيَانِ عَنِ الْيَمِينِ وَعَنِ الشِّمَالِ قَعِيدٌ ۝١٧
Iz yatalaqqal mutalaqqi yaani `anil yameeni wa `anish shimaali qa`eed
📖 हिंदी अर्थ
जब (वह कोई काम करता हैं तो) दो लिखने वाले (केरामन क़ातेबीन) जो उसके दाहिने बाएं बैठे हैं लिख लेते हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • يَتَلَقَّى – ग्रहण करता है, रिकॉर्ड करता है।
  • الْمُتَلَقِّيَانِ – दो लेने वाले (दो फ़रिश्ते)।
  • قَعِيدٌ – बैठने वाला, साथ रहने वाला (हमेशा मौजूद रहने वाला)।

तफ़सीर:

यह आयत उस पल की याद दिलाती है जब दो फ़रिश्ते हर इंसान के साथ होते हैं और उसके हर अच्छे और बुरे काम को लिखते हैं। एक फ़रिश्ता दाईं ओर बैठा होता है जो नेकियों (अच्छे कामों) को लिखता है, और दूसरा फ़रिश्ता बाईं ओर बैठा होता है जो बुराइयों (गुनाहों) को लिखता है। ये फ़रिश्ते इंसान के हर काम को देखते और दर्ज करते हैं, चाहे वह काम छोटा हो या बड़ा, छिपा हो या खुला। यह लिखने का काम इंसान की मृत्यु तक जारी रहता है।

यह आयत हमें बताती है कि हम अकेले नहीं हैं, बल्कि हमारे साथ अल्लाह के भेजे हुए फ़रिश्ते हमेशा मौजूद हैं जो हमारे हर अमल को रिकॉर्ड कर रहे हैं। यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है कि हम अपने हर काम में सावधानी बरतें, क्योंकि हमारा हर काम लिखा जा रहा है। जब हमें यह यकीन हो जाए कि हमारे दाएँ-बाएँ फ़रिश्ते मौजूद हैं और हमारा हर अच्छा काम नेकियों के पन्ने में और हर बुरा काम गुनाहों के पन्ने में दर्ज हो रहा है, तो हमारा दिल अच्छे कामों की तरफ झुकेगा और बुराई से दूर रहेगा।

यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की निगरानी हम पर हर वक्त है, और हमारा कोई भी काम उससे छिपा नहीं है। यह हमारे लिए एक बड़ी खुशखबरी है कि हमारी नेकियाँ लिखी जा रही हैं और क़यामत के दिन हमें उनका पूरा इनाम मिलेगा। साथ ही यह एक चेतावनी भी है कि गुनाहों का हिसाब भी होगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएँ, नेक कामों में जुटे रहें और गुनाहों से तौबा करें। यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि अल्लाह का इंसाफ़ बिल्कुल सटीक है, और हमारे साथ हमेशा अल्लाह की रहमत और उसकी निगरानी है।



📜 आयत 15-19 — सूरा काफ

15أَفَعَيِينَا بِالْخَلْقِ الْأَوَّلِ ۚ بَلْ هُمْ فِي لَبْسٍ مِّنْ خَلْقٍ جَدِيدٍ
तो क्या हम पहली बार पैदा करके थक गये हैं (हरगिज़ नहीं) मगर ये लोग अज़ सरे नौ (दोबारा) पैदा करने की निस्बत शक़ में पड़े हैं
16وَلَقَدْ خَلَقْنَا الْإِنسَانَ وَنَعْلَمُ مَا تُوَسْوِسُ بِهِ نَفْسُهُ ۖ وَنَحْنُ أَقْرَبُ إِلَيْهِ مِنْ حَبْلِ الْوَرِيدِ
और बेशक हम ही ने इन्सान को पैदा किया और जो ख्यालात उसके दिल में गुज़रते हैं हम उनको जानते हैं और हम तो उसकी शहरग से भी ज्यादा क़रीब हैं
17إِذْ يَتَلَقَّى الْمُتَلَقِّيَانِ عَنِ الْيَمِينِ وَعَنِ الشِّمَالِ قَعِيدٌ
जब (वह कोई काम करता हैं तो) दो लिखने वाले (केरामन क़ातेबीन) जो उसके दाहिने बाएं बैठे हैं लिख लेते हैं
18مَّا يَلْفِظُ مِن قَوْلٍ إِلَّا لَدَيْهِ رَقِيبٌ عَتِيدٌ
कोई बात उसकी ज़बान पर नहीं आती मगर एक निगेहबान उसके पास तैयार रहता है
19وَجَاءَتْ سَكْرَةُ الْمَوْتِ بِالْحَقِّ ۖ ذَٰلِكَ مَا كُنتَ مِنْهُ تَحِيدُ
मौत की बेहोशी यक़ीनन तारी होगी (जो हम बता देंगे कि) यही तो वह (हालात है) जिससे तू भागा करता था
काफकुरान सूची
45आयत
मक्कीअवतरण स्थान
17आयत

अनुवाद — काफ 17

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सूरा आयत 17/45 — सूरा काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा काफ सुनें, सूरा काफ अनुवाद, सूरा काफ mp3, सूरा काफ pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.





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Friday, October 2, 2026

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